भागलपुर : ‘स्मार्ट सिटी’ की खुली पोल! प्रमुख व्यवसायी धीरज बाजोरिया का फूटा गुस्सा, कहा- ‘इससे अच्छा हाल तो श्मशान का होता है’

न्यूज स्कैन ब्यूरो, भागलपुर
शहर को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। शहर की बदहाल स्थिति को लेकर अब लोगों का सब्र जवाब देने लगा है। इसी कड़ी में भागलपुर के प्रमुख व्यवसायी धीरज बाजोरिया ने वार्ड नंबर 38 की दुर्दशा पर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।

व्यवसायी धीरज बाजोरिया का यह पोस्ट अब तेजी से चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर मेयर, सांसद, विधायक और स्थानीय वार्ड पार्षद को कटघरे में खड़ा किया है।

“श्मशान का हाल इससे बेहतर होता है”
अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए धीरज बाजोरिया ने वार्ड 38 की जर्जर स्थिति का जिक्र करते हुए लिखा, “वार्ड ३८ का हाल देखिए, कहां है प्रशासन? इससे ज्यादा अच्छा हाल तो श्मशान घर का होता है।” उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए शहर की इस बदहाली को ‘स्मार्ट सिटी’ के दावों की कड़वी सच्चाई बताया और कहा कि इससे ज्यादा दुर्दशा और कुछ नहीं हो सकती।

सिर्फ वोट मांगने आते हैं नेता
चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों पर तंज कसते हुए व्यवसायी ने लिखा, “कोई मेयर, सांसद, विधायक सिर्फ वोट मांगने आते हैं।” उन्होंने स्थानीय वार्ड पार्षद की गुमशुदगी पर भी तीखा सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर वार्ड पार्षद कहां हैं?

व्यापारी वर्ग में पनप रहा है भारी असंतोष
भागलपुर के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी द्वारा इस तरह से खुले मंच पर प्रशासन और नेताओं की आलोचना करना इस बात का संकेत है कि शहर में मूलभूत सुविधाओं यानी सड़क, नाली, साफ-सफाई के अभाव को लेकर आम जनता के साथ-साथ व्यापारी वर्ग में भी भारी आक्रोश है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत खर्च हो रहे करोड़ों रुपये के बावजूद मोहल्लों की यह स्थिति नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि शहर के एक प्रमुख व्यवसायी की इस तीखी टिप्पणी के बाद नगर निगम प्रशासन, मेयर या स्थानीय विधायक-सांसद इस पर क्या संज्ञान लेते हैं, और वार्ड 38 के लोगों को इस नरकीय स्थिति से कब तक निजात मिल पाती है।