पूर्णिया का ऐतिहासिक रूपवाणी सिनेमा एक बार फिर से सुर्खियों में है, और इस बार वजह कोई आम नहीं, बल्कि बेहद खास और आध्यात्मिक है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के प्रदर्शन के दौरान सिनेमा प्रबंधन ने एक ऐसी पहल की है, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया है। अब से इस फिल्म के प्रत्येक शो में एक विशेष सीट स्वयं प्रभु श्री हनुमान जी के लिए सादर आरक्षित रहेगी। इसके साथ ही, दर्शकों को प्रसाद स्वरूप हनुमान चालीसा की प्रतियां भेंट की जा रही हैं। सिनेमा और आस्था का यह खूबसूरत संगम पूरे शहर में चर्चा और आकर्षण का केंद्र बन गया है।
न्यूज स्कैन ब्यूरो, पूर्णिया
पूर्णिया का रूपवाणी सिनेमा अपने दर्शकों को हमेशा एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव देने के लिए तत्पर रहता है। इसी कड़ी में, रूपवाणी के संचालक विशेक चौहान ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखने आ रहे दर्शकों का स्वागत पूरी श्रद्धा के साथ किया जा रहा है और उन्हें श्री हनुमान चालीसा की प्रतियां सप्रेम भेंट की जा रही हैं।

विशेक चौहान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस सुंदर पहल की जानकारी देते हुए लिखा, “Roopbani Cinema में ‘हनुमान अंश’ के प्रत्येक शो में एक आसन प्रभु श्री हनुमान जी के लिए सादर आरक्षित रहेगा। हर शो में वे विराजमान रहेंगे और उनका दिव्य आशीर्वाद हम सभी पर बना रहेगा।”
आस्था का सम्मान और दर्शकों से गहरा जुड़ाव
भारतीय संस्कृति में यह गहरी मान्यता है कि जहां भी प्रभु श्री राम या हनुमान जी का स्मरण होता है, वहां बजरंगबली अदृश्य रूप में स्वयं उपस्थित रहते हैं। इसी पवित्र भावना का सम्मान करते हुए रूपवाणी सिनेमा ने एक लाल कुर्सी हनुमान जी के लिए आरक्षित की है। यह सिर्फ एक फिल्म का प्रदर्शन नहीं रह गया है, बल्कि दर्शकों के लिए एक ऐसा अनुभव बन गया है, जहां वे सिनेमाघर में भी एक सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस कर सकते हैं।
सिंगल स्क्रीन सिनेमा के लिए एक प्रेरणादायक कदम
आज के दौर में जब दर्शक अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े कंटेंट को खूब पसंद कर रहे हैं, ऐसे में विशेक चौहान की यह पहल सिनेमा उद्योग के लिए एक मिसाल है। वे हमेशा अपने नए और सकारात्मक प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि एक सिनेमाघर सिर्फ मनोरंजन की जगह नहीं, बल्कि समाज की आस्था और भावनाओं का सम्मान करने का एक मंच भी हो सकता है।
इस पहल के बाद रूपवाणी सिनेमा में दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा है। लोग सपरिवार इस फिल्म को देखने आ रहे हैं और सिनेमाघर के इस कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। आस्था और नवाचार का यह खूबसूरत प्रयास निश्चित रूप से दर्शकों को लंबे समय तक याद रहेगा।
































