‘नीतीश की पार्टी का BJP में होगा विलय…’, UCC के मुद्दे पर फंसी JDU को RJD का खुला ऑफर, इस बीच तेजस्वी ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

बिहार की सियासत में ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) को लेकर जबरदस्त शह-मात का खेल चल रहा है। एक तरफ आरजेडी (RJD) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एनडीए (NDA) छोड़कर महागठबंधन में वापस आने का खुला ऑफर दिया है, तो वहीं ठीक इसके बाद तेजस्वी यादव ने जेडीयू (JDU) के भविष्य को लेकर एक ऐसी भविष्यवाणी कर दी है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
राजद नेता तेजस्वी यादव का बड़ा दावा सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि, जेडीयू बीजेपी की बी टीम बन गई है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू अब भारतीय जनता पार्टी की ‘बी टीम’ बनकर रह गई है और आने वाले समय में जेडीयू का पूरी तरह से बीजेपी में विलय हो जाएगा।

तेजस्वी ने अपने इस दावे के पीछे तर्क देते हुए कहा कि जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा इस विलय की रूपरेखा तैयार करने में लगे हुए हैं। तेजस्वी ने याद दिलाते हुए कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि नीतीश कुमार अब असल मायनों में मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, और आज वही हो रहा है। राज्य में बीजेपी की सरकार चलाने का रास्ता उन्होंने खुद ही साफ कर दिया है।”

UCC पर जेडीयू का ‘डबल गेम’ और आरजेडी का ऑफर
तेजस्वी का यह बयान ऐसे समय आया है जब UCC को लेकर जेडीयू का रुख स्पष्ट नहीं है। इसी का फायदा उठाते हुए आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने जेडीयू को एक बड़ा ऑफर दे डाला। भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार और उनकी पार्टी से अपील करते हुए कहा कि जेडीयू की असली जड़ें समाजवादी आंदोलन में हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह का 2029 तक 22 राज्यों में UCC लागू करने का बयान सिर्फ ध्यान भटकाने की राजनीति है। उन्होंने जेडीयू से अपील की कि वे बीजेपी का साथ छोड़कर वापस महागठबंधन में आएं और सरकार बनाएं।

…लेकिन सीएम तो तेजस्वी ही होंगे
जब भाई वीरेंद्र से यह पूछा गया कि विधायकों की संख्या (जेडीयू 85, आरजेडी 25) के आधार पर क्या वो नीतीश कुमार या उनके परिवार के किसी सदस्य को मुख्यमंत्री स्वीकार करेंगे? इस पर उन्होंने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने साफ कहा कि इसका कोई सवाल ही नहीं उठता। महागठबंधन की सरकार जब भी बनेगी, उसके मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ही होंगे।

UCC पर क्या है जेडीयू का रुख?
समान नागरिक संहिता (UCC) पर जेडीयू का रवैया नपा-तुला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जेडीयू संसद में तो UCC बिल का समर्थन करेगी, लेकिन बिहार में इसे लागू करने का विरोध करेगी। राजनीतिक हलकों में नीतीश कुमार के 2017 के उस खत की भी खूब चर्चा है, जो उन्होंने विधि आयोग को लिखा था। इस खत में उन्होंने राज्यों पर UCC थोपने का विरोध किया था।
कुल मिलाकर, UCC के बहाने बिहार में एक बार फिर सियासी जोड़-तोड़ और जुबानी जंग तेज हो गई है। आरजेडी एक तरफ जेडीयू को ‘समाजवाद’ की याद दिलाकर अपने पाले में खींचने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ विलय का डर दिखाकर दबाव भी बना रही है।