ट्रेंडिंग टुडे
-
बांकीपुर उपचुनाव: परदे के पीछे के रणनीतिकार प्रशांत किशोर खुद उतरे चुनावी अखाड़े में, कहा, ‘मेरी जीत से सरकार नहीं, बिहार की राजनीति बदलेगी’
-
विदेश यात्रा बनाम जिम्मेदारी : क्या तेजस्वी की बार-बार की अनुपस्थिति राजद के लिए बन रही है बड़ी मुसीबत?
-
‘स्मार्ट और स्पीडी’ न्याय व्यवस्था : जानिए कि बिहार के आम आदमी को क्या और कैसे मिलेगा फायदा?
-
भरत तिवारी मामले पर आर-पार के मूड में चिराग पासवान; शाह से मुलाकात के बाद अब सम्राट चौधरी से करेंगे सीधी बात, क्या नपेंगे दोषी पुलिसवाले?
-

विदेश यात्रा बनाम जिम्मेदारी : क्या तेजस्वी की बार-बार की अनुपस्थिति राजद के लिए बन रही है बड़ी मुसीबत?
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के इतिहास में रविवार का दिन एक अजीबोगरीब मिसाल के तौर पर दर्ज हो गया। मौका था पार्टी के 30वें स्थापना दिवस का। पटना के प्रदेश कार्यालय में मंच सजा था, वरिष्ठ नेता मौजूद थे, और कार्यकर्ता भी जुटे थे; लेकिन पार्टी की नई उम्मीद और कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव बिहार…
एडिटर्स कॉर्नर
-
एडिटर्स व्यू – सामाजिक एकता की बलि और वोट बैंक का ‘यूजीसी कार्ड’… सियासत को शर्म आनी चाहिए!
-
जब ‘मसीहा’ ही ‘सिंडिकेट’ चलाने लगे… लालू परिवार पर कोर्ट की टिप्पणी महज आरोप नहीं, एक राजनैतिक ‘पोस्टमार्टम’ है!
-
नीतीश कुमार का ‘टोपी प्रसंग’: प्रतीकों की राजनीति के निहितार्थ को समझिए
-
चुनावी मौसम में खत्म हो रही भाषा की मर्यादा, तो क्या जनता भी अपने ‘जूते’ तैयार रखे?
-
The News Scan आपका मंच है… आइए खुलकर बोलिए क्योंकि खामोशी ही तो अन्याय की सबसे बड़ी ताकत है…







































