बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़: नीतीश के ‘अररिया संदेश’ से हलचल, क्या लेसी सिंह बनेंगी नई डिप्टी सीएम?

न्यूज स्कैन ब्यूरो, अररिया/पटना
बिहार के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों कयासों का बाजार गर्म है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के तीसरे चरण के दौरान अररिया में हुई जनसभा ने राज्य की भविष्य की राजनीति को लेकर नए संकेत दे दिए हैं। राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद जनता के बीच पहुंचे नीतीश कुमार एक अलग और आश्वस्त अंदाज़ में नजर आए। लेकिन, सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस इशारे की हो रही है, जिसने बिहार में नई सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर एक धुंधली ही सही, लेकिन साफ तस्वीर पेश कर दी है।

अररिया में नीतीश का वो ‘इशारा’, जिसके गहरे हैं मायने
अररिया में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने जनता से आत्मीय भाव से पूछा, ‘बताइए, सब अच्छा रहेगा न?’ जनता की ओर से ‘हां’ की आवाज आई। इसके बाद जो हुआ, उसने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया। नीतीश ने मंच पर मौजूद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री विजय कुमार चौधरी और मंत्री लेसी सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि “अब इन्हीं लोगों को मिलकर काम करना है, इन्हीं लोगों को सरकार चलाना है।”

इसके बाद उन्होंने इन नेताओं को आगे बुलाया और जनता से मुखातिब होकर कहा, ‘जरा हथवा उठा के बताओ- सब ठीक है न?’ मुख्यमंत्री की इस अपील पर भीड़ ने हाथ उठाकर अपना समर्थन दिया। इस दौरान सभा में ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारे लगे।

क्या लेसी सिंह बनेंगी बिहार की नई डिप्टी सीएम?
नीतीश कुमार का यूं लेसी सिंह की ओर इशारा करना और उन्हें ‘काम संभालने’ की बात कहना बेहद खास माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में तेज चर्चा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद जब बिहार में नई सरकार बनेगी, तो जेडीयू कोटे से लेसी सिंह को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इसके पीछे कई ठोस वजहें नजर आती हैं:

महिला सशक्तिकरण का चेहरा: नीतीश कुमार हमेशा से महिला सशक्तिकरण के पैरोकार रहे हैं। ‘साइकिल योजना’ से लेकर पंचायत चुनाव में 50% आरक्षण और ‘शराबबंदी’ तक, उन्होंने महिलाओं के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। ऐसे में जेडीयू कोटे से एक महिला को डिप्टी सीएम बनाकर वे एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकते हैं।

क्षेत्रीय संतुलन: लेसी सिंह सीमांचल और कोसी क्षेत्र की एक कद्दावर नेता हैं। उन्हें डिप्टी सीएम बनाकर नीतीश कुमार इस इलाक़े में अपनी पार्टी की पकड़ को और मज़बूत कर सकते हैं।

अनुभव और निष्ठा: लेसी सिंह एक अनुभवी मंत्री हैं और नीतीश कुमार की बेहद भरोसेमंद मानी जाती हैं। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा पर कभी कोई सवाल नहीं उठा है।

नई सरकार का क्या हो सकता है फ़ॉर्मूला?
नीतीश कुमार के इशारों और वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को देखें, तो नई सरकार के गठन का फ़ॉर्मूला कुछ ऐसा हो सकता है:

बीजेपी कोटे से सीएम: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद मुख्यमंत्री का पद बीजेपी के खाते में जा सकता है। ऐसी स्थिति में वर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को प्रमोट करके मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

जेडीयू कोटे से दो डिप्टी सीएम: चूंकि बीजेपी के पास सीएम पद होगा, इसलिए जेडीयू को डिप्टी सीएम के पद मिल सकते हैं।

पहला डिप्टी सीएम: लेसी सिंह, जो जेडीयू का महिला चेहरा बन सकती हैं।

दूसरा डिप्टी सीएम: नीतीश कुमार के बेहद ख़ास और अनुभवी नेता विजय कुमार चौधरी को दूसरा उप-मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

एक धुंधली तस्वीर जो साफ हो रही है
हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कुछ भी तय नहीं है, लेकिन नीतीश कुमार के अररिया और किशनगंज दौरे ने जनता के बीच भविष्य की सरकार की एक तस्वीर जरूर साफ कर दी है। सम्राट चौधरी को आगे करना और फिर मंत्री लेसी सिंह और मंत्री विजय कुमार चौधरी की ओर इशारा करना, यह बताता है कि नीतीश कुमार अब नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति किस करवट बैठेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन, इतना तो तय है कि नीतीश के एक इशारे ने लेसी सिंह को डिप्टी सीएम पद की दौड़ में सबसे आगे खड़ा कर दिया है।