कहलगांव में परिधि संस्था ने मनाई क्रांतिकारी जुब्बा सहनी की जयंती

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
कहलगांव के कागजी टोला स्थित कबूतरी स्थान में बुधवार को परिधि संस्था के तत्वावधान में महान स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा सहनी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुनील सहनी ने की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जुब्बा सहनी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्ष व बलिदान को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं वार्ड पार्षद योगेंद्र सहनी ने कहा कि जुब्बा सहनी की विरासत आज भी हमें संघर्ष की प्रेरणा और ताकत देती है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर में जन्मे जुब्बा सहनी को अंग्रेजों ने वर्ष 1944 में फांसी दे दी थी। उस समय उनकी उम्र मात्र 38 वर्ष थी। उन्होंने कहा कि जुब्बा सहनी का नाम देश के सबसे बहादुर क्रांतिकारियों में शुमार किया जाता है।
योगेंद्र सहनी ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई इसलिए सफल हुई क्योंकि इसमें दलित, पिछड़े, आदिवासी सहित समाज के सभी वर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वंचित और उत्पीड़ित समाज के लोगों ने इस उम्मीद के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी की थी कि एक दिन देश का अपना संविधान बनेगा, जिससे समाज में समता आएगी, अमीरी-गरीबी की खाई मिटेगी और समाजवाद की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि आज भी हम आजादी आंदोलन के मूल्यों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और जुब्बा सहनी की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुनील सहनी ने कहा कि परिधि संस्था इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर लगातार दबे-कुचले समाज को जागरूक और मजबूत बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जुब्बा सहनी ने केवल मछुआरा समाज की ही नहीं, बल्कि हर भारतीय की आजादी का सपना देखा था।
कार्यक्रम में सुनील सहनी, अर्जुन सहनी, करण सहनी, मुकेश सहनी, संतोष सहनी, कारेलाल सहनी और सुमित कुमार सहनी सहित कई लोग मौजूद थे।