जमीन-मकान की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए बड़ी खबर: अब नहीं होगी मनमानी वसूली, सरकार ने तय की फीस; 75+ बुजुर्गों को घर बैठे मिलेगी सुविधा

अगर आप जमीन, मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अक्सर रजिस्ट्री के दौरान कागजी कार्रवाई में मदद करने वाले सेवा प्रदाताओं (Service Providers) द्वारा मनमानी फीस वसूलने की शिकायतें मिलती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। राज्य सरकार ने सेवा प्रदाताओं का शुल्क निर्धारित कर दिया है। इसके अलावा, 17 अगस्त से 91 और निबंधन कार्यालयों (Registration Offices) में ‘पेपरलेस रजिस्ट्री’ की शुरुआत होने जा रही है। वहीं, बुजुर्गों को बड़ी राहत देते हुए ‘होम रजिस्ट्री’ की आयु सीमा को घटाकर 75 वर्ष कर दिया गया है।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
17 अगस्त से 91 दफ्तरों में पेपरलेस व्यवस्था की शुरुआत हो रही है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग राज्य में रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह से हाईटेक और पारदर्शी बनाने में जुटा है। विभाग के सचिव नवीन कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसके तहत, 17 अगस्त से राज्य के 91 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी। बता दें कि राज्य में कुल 141 निबंधन कार्यालय हैं, जिनमें से 50 में यह व्यवस्था पहले से लागू है।

आम आदमी को बड़ी राहत : अब सरकार ने तय कर दी फीस
रजिस्ट्री दफ्तरों में आम लोगों को अब तक डीड राइटर या सेवा प्रदाताओं को मनमुताबिक पैसा देना पड़ता था। लेकिन अब विभाग ने इनका पारिश्रमिक शुल्क तय कर दिया है :-

1 लाख रुपए तक के मूल्य के दस्तावेजों के लिए: मात्र 1,000 रुपए

1 लाख से 5 लाख रुपए तक के दस्तावेजों के लिए: 2,500 रुपए

5 लाख रुपए से अधिक मूल्य के दस्तावेजों के लिए: 5,000 रुपए

75+ उम्र के बुजुर्गों के लिए ‘होम रजिस्ट्री’ की सुविधा
इस नई व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों का खास ख्याल रखा गया है। पहले घर से रजिस्ट्री कराने की सुविधा 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को मिलती थी, जिसे अब घटाकर 75 वर्ष कर दिया गया है। यानी, अगर किसी की उम्र 75 वर्ष या उससे अधिक है, तो उन्हें निबंधन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। ‘मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट’ सीधे उनके घर जाएगी और भूमि, प्लॉट या फ्लैट आदि के निबंधन का कार्य घर बैठे ही पूरा किया जाएगा।

गड़बड़ी की तो होगी सीधी कार्रवाई, ऑनलाइन कर सकेंगे शिकायत
राजस्व चोरी रोकने के लिए अब निबंधन कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाएगा और जीआईएस (GIS) तकनीक का इस्तेमाल होगा। आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ‘पब्लिक ग्रीवेंस मॉड्यूल’ भी लागू किया जा रहा है। अब लोग रजिस्ट्री से जुड़ी कोई भी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे और उसकी जांच व कार्रवाई भी ऑनलाइन ही होगी, जिससे व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता आएगी।