चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में नेतृत्व केवल एक पद नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी और समर्पण का परिचायक है। इसी जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए डॉ. शांतनु ने प्रतिष्ठित ‘इंडियन फुट एंड एंकल सोसाइटी’ (IFAS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर लिया है।
न्यूज स्कैन ब्यूरो, पूर्णिया
कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने न सिर्फ अपने गुरुओं और सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, बल्कि भारतीय चिकित्सा पद्धति को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाई तक ले जाने का स्पष्ट रोडमैप भी सामने रखा। अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद डॉ. शांतनु ने इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि मानने के बजाय पूरे चिकित्सा समुदाय को समर्पित किया है। सोशल मीडिया पर एक भावुक और प्रेरक संदेश साझा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुकाम तक पहुंचने की उनकी यात्रा में हर उस शिक्षक, वरिष्ठ चिकित्सक, सहकर्मी और शुभचिंतक का योगदान है, जिसने उन्हें दिशा दिखाई।
अत्यंत विनम्रता के साथ उन्होंने कहा कि वे अपने मार्गदर्शकों के ऋणी हैं, जिनके ज्ञान और मार्गदर्शन ने हमेशा उनके रास्ते को रोशन किया है। एक सच्चे नेतृत्वकर्ता की तरह उन्होंने अपनी इस नई और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी की शुरुआत अपने गुरुओं और वरिष्ठों के आशीर्वाद के साथ की है।

विजन: अकादमिक उत्कृष्टता और वैश्विक स्तर पर नई पहचान
किसी भी संस्था का भविष्य उसके नेतृत्व के विजन पर निर्भर करता है। डॉ. शांतनु ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुख्य लक्ष्य IFAS की समृद्ध विरासत और गौरव को न केवल सहेजना है, बल्कि उसे अकादमिक उत्कृष्टता के नए शिखर तक ले जाना है।
उन्होंने अपने इरादे जाहिर करते हुए कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि सोसाइटी में आपसी सहयोग बढ़े और ‘इंडियन फुट एंड एंकल सर्जरी’ को दुनिया भर में एक मजबूत और सर्वमान्य पहचान मिले। उनका यह दृष्टिकोण इस बात का प्रमाण है कि वे भारतीय सर्जनों की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
एकजुटता से नए क्षितिज छूने का आह्वान
डॉ. शांतनु का मानना है कि कोई भी बड़ा लक्ष्य अकेले हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने IFAS परिवार के हर एक सदस्य से नई ऊर्जा और सक्रिय भागीदारी की उम्मीद जताई है। उनका संदेश स्पष्ट है, भरोसे, प्रोत्साहन और अटूट समर्थन के दम पर ही भारतीय ‘फुट एंड एंकल सर्जरी’ को नए क्षितिज और नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।
उनका यह आभार और संकल्प संदेश चिकित्सा जगत के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है, जहां अनुभव और नवाचार के मेल से मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा मिलने का रास्ता और भी सुगम होगा।
































