BPSC TRE-4: बिहार में शिक्षक बनना अब सिविल सेवा जैसा कठिन, पीटी के बाद देना होगा मेंस; समझें पूरी प्रक्रिया

बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों युवाओं के लिए एक बेहद अहम खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपने नए परीक्षा कैलेंडर में शिक्षक भर्ती (TRE-4) के नियमों में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब तक महज एक लिखित परीक्षा के जरिए होने वाली यह बहाली अब सिविल सेवाओं की तर्ज पर दो चरणों (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा) से गुजरेगी। ‘द न्यूज स्कैन’ की इस विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में आइए समझते हैं कि आखिर BPSC को यह बदलाव क्यों करना पड़ा और 32,388 पदों पर होने वाली इस बहाली का पूरा समीकरण क्या है।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
नई व्यवस्था के तहत टीआरई-4 में सिविल सेवाओं की तर्ज पर स्क्रीनिंग होगी। BPSC द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए संशोधित परीक्षा कैलेंडर से यह साफ हो गया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों के चयन के लिए अब मानकों को और कड़ा किया जा रहा है। पूर्व के तीन चरणों (टीआरई-1, 2 और 3) में अभ्यर्थियों को केवल एक लिखित परीक्षा से गुजरना होता था और उसी के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होती थी। लेकिन, टीआरई-4 से यह व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।

अब सरकारी शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को पहले प्रारंभिक परीक्षा (PT) देनी होगी। पीटी को पास करने वाले (क्वालीफाई करने वाले) अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा (Mains) में बैठने के योग्य माने जाएंगे। हालांकि, टीआरई-4 की पीटी की तारीख अभी तय नहीं की गई है; विज्ञापन जारी होने के बाद इसकी विधिवत घोषणा की जाएगी।

आखिर क्यों बदली गई चयन प्रक्रिया?
इस अप्रत्याशित बदलाव के पीछे BPSC की स्पष्ट मंशा चयन प्रक्रिया की गुणवत्ता को बढ़ाना है।
भीड़ का प्रबंधन: शिक्षक भर्ती में अमूमन लाखों की संख्या में आवेदन आते हैं। एक ही परीक्षा होने से इतनी बड़ी भीड़ को एक साथ संभालना और सही प्रतिभा को मापना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती साबित हो रहा था।
कड़ी छंटनी (Screening): दो स्तरीय परीक्षा होने से प्रारंभिक चरण (पीटी) में ही भीड़ छंट जाएगी। सिविल सेवाओं की तरह ही, इस फिल्टरेशन से केवल गंभीर और योग्य उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा तक पहुंचेंगे, जिससे स्कूलों को अधिक निपुण शिक्षक मिल सकेंगे।

किन कक्षाओं के लिए कितने पद?
टीआरई-4 के तहत कुल 32,388 पदों पर शिक्षकों की बहाली होनी है। इसमें सबसे अधिक फोकस प्लस-टू यानी उच्च माध्यमिक स्तर पर किया गया है, जहां आधे से अधिक पद केंद्रित हैं।
पदों का विवरण इस प्रकार है :-

कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक): 3,847 पद

कक्षा 6 से 8 (मध्य): 8,563 पद

कक्षा 9 से 10 (माध्यमिक): 3,877 पद

कक्षा 11 से 12 (उच्च माध्यमिक): 16,101 पद

72वीं BPSC पीटी 25 अक्टूबर को प्रस्तावित
शिक्षक भर्ती के अलावा प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी कैलेंडर में बड़ी खबर है। 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा (PT) 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित की गई है। इसके जरिए रिकॉर्ड 1,189 पदों पर बहाली होगी। इसके साथ ही, 71वीं मुख्य परीक्षा का परिणाम इसी साल अगस्त-सितंबर के बीच आने की संभावना जताई गई है।

आयोग ने विशेष शिक्षक (7,279 पद), प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (300 पद) और ऑडिटर-रिसर्च ऑफिसर (105 पद) जैसे अन्य पदों को भी कैलेंडर में शामिल किया है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये सभी तारीखें फिलहाल अस्थायी हैं और प्रशासनिक कारणों से भविष्य में इनमें बदलाव संभव है।