BPSC TRE-4: बिहार में 33,274 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती, पीटी और मेंस दोनों में होंगे ऑब्जेक्टिव सवाल; जानें परीक्षा से जुड़े 10 बड़े अपडेट

बिहार में शिक्षक बनने की राह अब बदल गई है। पेपर लीक के दाग धोने और बहाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए बीपीएससी ने टीआरई-4 में पीटी और मुख्य परीक्षा का ‘डबल फिल्टर’ लगा दिया है। अब 33,274 पदों के लिए अभ्यर्थियों को दो चरणों की कठिन कसौटी से गुजरना होगा। राहत की बात सिर्फ इतनी है कि दोनों परीक्षाएं Objective होंगी, लेकिन निगेटिव मार्किंग का कड़ा पहरा बरकरार रहेगा।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। बीपीएससी (BPSC) शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) का ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है। इस बार कुल 33,274 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए बीपीएससी ने परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब परीक्षा दो चरणों (पीटी और मुख्य) में होगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि यह इस साल की अंतिम रिक्ति होगी।

आम अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्ट की 10 सबसे जरूरी बातें :

  1. कुल रिक्तियां और नए पद
    टीआरई-4 के तहत कुल 33,274 शिक्षकों की नियुक्ति होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने 886 नए पदों की अधियाचना बीपीएससी को भेज दी है। शिक्षा विभाग के 30 सितंबर तक की जितनी भी नई रिक्तियां आएंगी, उन्हें भी टीआरई-4 में जोड़ा जाएगा।
  2. अब पीटी और मेंस (दो चरणों में परीक्षा)
    आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के सुझाव पर अब परीक्षा दो चरणों में होगी। पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा (PT) और दूसरे में मुख्य परीक्षा (Mains) ली जाएगी। पीटी के बाद कुल रिक्तियों के ढाई गुना (लगभग 83 हजार) अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा के लिए चुना जाएगा। इससे मुख्य परीक्षा एक ही जिले में और कड़ी सुरक्षा के बीच कराई जा सकेगी।
  3. दोनों परीक्षाओं में होंगे वस्तुनिष्ठ (Objective) सवाल:
    अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि परीक्षा का पैटर्न नहीं बदला है। पीटी और मेंस, दोनों ही परीक्षाओं में बहुविकल्पीय यानी वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रश्न ही पूछे जाएंगे।
  4. निगेटिव मार्किंग रहेगी लागू:
    परीक्षा में तुक्केबाजी पर अंकुश लगाने के लिए निगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू रहेगा। गलत उत्तर देने पर निर्धारित नियम के तहत अंक काटे जाएंगे।
  5. कब होगी परीक्षा और आवेदन?
    सितंबर महीने में अभ्यर्थियों से आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद, आवेदकों का पूरा आंकड़ा मिलने पर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी। आयोग दिसंबर या जनवरी में परीक्षा आयोजित कराने की तैयारी में है।
  6. 60% से अधिक अंक लाने वालों पर विशेष नजर:
    पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है। जो भी अभ्यर्थी 60% या उससे अधिक अंक लाएंगे, उनकी कॉपियों की दोबारा जांच की जाएगी ताकि अभ्यर्थी की लेखन शैली और योग्यता का सही पता चल सके।
  7. मिलेगा अतिरिक्त समय:
    परीक्षा का स्टैंडर्ड कक्षा 1 से 5, 6 से 8 और 9 से 12वीं के लिए अलग-अलग होगा। अभ्यर्थियों को पेपर हल करने के लिए 10 से 15 मिनट का अतिरिक्त समय मिलने की संभावना है।
  8. 886 नए पदों का विषयवार विवरण:
    हाल ही में जोड़े गए 886 पदों में सबसे ज्यादा रिक्तियां मैथिली (193) और नृत्य (164) में हैं। अन्य विषयों में बांग्ला- 90, ललित कला- 21, अरबी- 20, फारसी- 36, विशेष विद्यालय अध्यापक- 88, पाली- 38, प्राकृत- 63, भोजपुरी- 69, मगही- 28 और कृषि के 76 पद शामिल हैं।
  9. परीक्षा के चरणों की संख्या (शिफ्ट):
    अगर आवेदकों की संख्या 5 लाख से कम होती है, तो परीक्षा 3 चरणों (शिफ्ट) में पूरी कर ली जाएगी। लेकिन अगर यह संख्या 5 लाख पार करती है, तो परीक्षा 6 चरणों में करानी पड़ सकती है।
  10. डोमिसाइल नीति और माध्यम:
    हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों के बीच किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होगा। वहीं, डोमिसाइल नीति को लेकर आयोग ने स्पष्ट किया है कि इसमें बदलाव करना राज्य सरकार का अधिकार क्षेत्र है, हालांकि बीपीएससी परीक्षाओं में करीब 72% छात्र बिहार के ही होते हैं।