बिहार पुलिस में 15,821 पदों पर बहाली 1 जून से, सुरक्षा मजबूत होने के साथ रोजगार के नए अवसर

बिहार में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार पुलिस ने बड़े पैमाने पर बहाली की घोषणा की है। राज्य में 15,821 सिपाही और विशेष सहायक पुलिस (SAP) जवानों की भर्ती प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू होगी। इस बार की बहाली में पूर्व सैनिकों के साथ-साथ केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त जवानों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे अनुभवी बल सीधे पुलिस व्यवस्था का हिस्सा बन सके।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से रैलियां आयोजित की जाएंगी। पूर्णिया, भागलपुर और दरभंगा में 1 जून से इसकी शुरुआत होगी, जबकि पटना समेत अन्य जिलों में 5 और 6 जून को रैली आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त चयन प्रक्रिया के दौरान वॉक-इन इंटरव्यू भी आयोजित किए जाएंगे।
इस बहाली को सिर्फ नौकरी देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है। बड़ी संख्या में प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों की तैनाती से राज्य में गश्ती व्यवस्था मजबूत होगी और घटनाओं पर पुलिस की प्रतिक्रिया समय में सुधार आने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा। त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकेगी।
सरकार की इस पहल का एक बड़ा असर रोजगार के क्षेत्र में भी देखने को मिलेगा। हजारों पदों पर बहाली से न सिर्फ पूर्व सैनिकों को स्थायी आय का अवसर मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे छोटे व्यापारियों और सेवा क्षेत्र को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, चयनित SAP जवानों को 35 हजार रुपये, सिपाहियों को 30 हजार रुपये और रसोइयों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा वर्दी, यात्रा और अन्य भत्ते भी प्रदान किए जाएंगे। भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। शारीरिक परीक्षा नहीं ली जाएगी, हालांकि मेडिकल जांच जरूरी होगी। साथ ही, हथियार संचालन और सुरक्षा से जुड़े अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस बहाली प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया, तो यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों के बीच भरोसा कायम करने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।