न्यूज स्कैन ब्यूरो,अररिया
फारबिसगंज नगर परिषद के साधारण बोर्ड की सोमवार को बैठक हुई।मुख्य पार्षद वीणा देवी की अध्यक्षता में नगर परिषद के सभागार में बैठक हो रही थी।इसी दौरान बाहर नगर परिषद कर्मचारी संघ प्रदर्शन करने लगे और नारेबाजी करने लगे।जिससे अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।सौ से अधिक की संख्या में नगर परिषद के कर्मचारी परिसर में जमा हो गए।
दरअसल नगर परिषद साधारण बोर्ड की बैठक में 26 अप्रैल 2025 की बैठक की संपुष्टि थी।जिसमें नगर परिषद क्षेत्र में सफाई का जिम्मा एनजीओ को देने का निर्णय लिया गया था।नगर परिषद कर्मचारी संघ इसी चीज का विरोध कर रहे थे।नगर परिषद कर्मचारी संघ सशक्त स्थायी समिति की बैठक और साधारण बोर्ड में लिए गए निर्णय के आलोक में प्रदर्शन कर रहे थे।संघ का स्पष्ट कहना था कि साधारण बोर्ड की बैठक में बिहार नगरपालिका अधिनियम के नियमों के विरुद्ध और पटना हाईकोर्ट के 2024 में कर्मचारियों के स्थायीकरण के निर्णय के खिलाफ निर्णय लिया गया है।जिसको लेकर कर्मचारियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए बैठक उपरांत चेयरमैन,वाइस चेयरमैन और कार्यपालक पदाधिकारी का परिसर में घेराव भी किया।प्रदर्शनकारी कर्मचारी गाड़ी का घेराव कर रखा था।जहां से किसी तरह सभी निकल पाने में सफल हुए।
हालांकि सोमवार को हुए साधारण बोर्ड के बैठक के दौरान नगर की सफाई का पूरा जिम्मा एनजीओ को दिए जाने का चार पार्षदों ने विरोध भी किया।इन चार पार्षदों ने वर्षों से काम कर रहे सफाईकर्मियों से नगर की सफाई कराने की वकालत की।जिस पर मुख्य पार्षद वीणा देवी ने नगर परिषद के सफाई कर्मचारी से भी काम लेने का तत्काल आश्वासन बोर्ड को दिया।
प्रदर्शन के दौरान फारबिसगंज नगर परिषद कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सूरज कुमार सोनू ने बताया कि 26 अप्रैल 2025 को हुई सशक्त स्थायी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय और उनकी संपुष्टि का विरोध कर रहे हैं। सफाई कर्मियों के स्थायीकरण के मुद्दे को लेकर उन्होंने कहा कि 2024 के पटना हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट कहा है कि रिक्ति के आधार पर स्थायीकरण किया जाय।जबकि नगर परिषद के चेयरमैन,वाइस चेयरमैन सहित बोर्ड के सदस्य अपनी मनमानी कर रहे हैं।बिहार म्युनिसिपल एक्ट के खिलाफ और पटना हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सूरज कुमार सोनू ने कहा कि 2025-26 के वित्तीय बजट में 30 करोड़ रूपये लाभ होने की आशंका जाहिर की गई है। ऐसे में सौ कर्मचारियों का कम से कम स्थायीकरण के बाद भी नप प्रशासन लाभ में रहेगा।उन्होंने नप प्रशासन पर साजिश के तहत स्थायीकरण नहीं करने और एनजीओ से नगर की सफाई करने के निर्णय को नगर परिषद को लूट का अड्डा बनाने की बात कही।उन्होंने स्थायीकरण के बाद शेष बचे सफाईकर्मियों को समान काम का समान वेतन के आधार पर काम करवाने की वकालत की।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी संघ के सचिव आर्यन कुमार राय,संरक्षक चंद्रनाथ चंदन,संजय मरीक,भीम मरीक,कन्हैया मरीक,रीता देवी,चंदन कुमार,गीता देवी,मधु देवी सहित सौ से अधिक कर्मचारी मौके पर मौजूद थे।
नगर परिषद की साधारण बोर्ड की बैठक के दौरान आखिर क्यों कर्मचारी संघ प्रदर्शन को विवश, चेयरमैन और ईओ का घेराव

































