30 अक्टूबर को सांस्कृतिक संस्था आलय की मानेगी रजत जयंती

भागलपुर । आगामी 30 अक्टूबर को सांस्कृतिक संस्था आलय की पच्चीसवीं वर्षगांठ है। आलय से संबद्ध कलाकारों ने संस्था की रजत जयंती को खूब सृजनात्मक ढंग से मनाने का निर्णय लिया है। इसी विषय पर
स्थानीय कलाकेन्द्र में आलय ने एक बैठक का आयोजन किया। जिसमें पांच दिनों का सांस्कृतिक कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में नाटक, नृत्य, पेंटिंग और संगीत से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के कलाकार शिरकत करेंगे । प्रारंभ के तीन दिन लगातार तीन विशिष्ट नाट्य प्रस्तुतियां होंगी तथा शेष दिवसों में नृत्य, संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। बैठक का संचालन करते हुए डॉक्टर चैतन्य ने कहा कि आलय पिछले 25 वर्षों से शहर की सृजनात्मक गतिविधियों को मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है। तो निःसंदेह यह आलय का रजत जयंती समारोह भी विशिष्ट होगा जिससे शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी। संगीत नाटक अकादमी से जुड़े संजय कुमार ने कहा कि अन्य राज्यों से खास कर पूर्वोत्तर प्रदेशों से नृत्य और नाट्य संबंधित संस्थाओं को बुलाने में हर संभव सहायता की जाएगी। शुरुआती दिनों से आलय से जुड़े रहे डॉ ओम सुधा ने कहा इस अवसर पर यथासंभव जहां तक मेरी सहायता हो पाएगी मैं करूंगा और स्वयं इस महोत्सव में भागलपुर ही मौजूद रहूंगा। आलय के सचिव शशि शंकर ने कहा के बिना किसी सरकारी वित्तीय सहयोग के हम लोग आज तक शहर के मंचों पर रंग बिखेरते चले आ रहे हैं तो यह महोत्सव भी अपने आप में खास होगा। श्वेता शंकर ने कहा कि मैं शुरुआत से ही आलय जुड़ी हुई हूं और इस बार भी पूरे उत्साह से इस महोत्सव को सफल बनाने में लगी रहूंगी। बैठक में आलोक राज ,ब्रजकिशोर सिंह ,विक्रम ,सूरज कुमार ,अमित भगत, गौरीशंकर, नीना प्रसाद, मंगलम कुमार, गौरव भगत, राहुल कुमार रंजन, प्रिय विकास रंजन और दिवाकर कुमार समेत कई लोग मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन विक्रम राज ने किया।