प्रशांत किशोर का तंज: शिक्षामंत्री तेजस्वी के साथ-साथ सम्राट चौधरी को भी दें 10वीं की परीक्षा देने की सलाह

जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर उर्फ पीके ने बिहार की राजनीति और हालिया मुद्दों पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और किसानों की जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
प्रशांत ने नेताओं की शैक्षणिक योग्यता पर कटाक्ष किया है। प्रशांत किशोर ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश द्वारा तेजस्वी यादव को 10वीं पास करने के दिए गए सुझाव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें यही सलाह कैबिनेट बैठक में सम्राट चौधरी को भी देनी चाहिए। पीके ने सुझाव दिया कि तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी दोनों को एक साथ अगली बार 10वीं की परीक्षा देनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इससे राज्य के लोगों को यह विश्वास हो सकेगा कि ये नेता भी अपने दम पर मैट्रिक की परीक्षा पास कर सकते हैं।

छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार को उन्हें मानना चाहिए। पीके ने चेतावनी दी कि चाहे वह टीआरई (TRE) का मामला हो या कोई अन्य, सरकार छात्रों की आवाज़ और इन मामलों को बलपूर्वक दबा नहीं सकती है।

सैटेलाइट टाउनशिप योजना को बताया ‘साजिश’
किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रशांत किशोर ने सरकार की सैटेलाइट टाउनशिप योजना पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना किसानों की ज़मीन औने-पौने दामों पर बड़े उद्योगपतियों और बिल्डरों को सौंपने की एक साजिश है, जिसके खिलाफ समाज में भारी असंतोष है। पीके ने सरकार की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस सरकार के पास कर्मचारियों को सैलरी देने का पैसा नहीं है, वह पूरे बिहार के 11 बड़े शहरों के इर्द-गिर्द हज़ारों एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण कैसे करेगी? उन्होंने मांग की कि यदि अधिग्रहण होता है, तो किसानों और भूमिधारकों को उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए। “ज़मीन का रि-डेवलपमेंट करके वापस देने से ज़मीन का भाव बढ़ जाएगा”, सरकार के इस तर्क को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि इस आधार पर कोई अपनी ज़मीन देने को तैयार नहीं है।