मिशन 2027 : मुफ्त बिजली, करोड़ों राशन कार्ड और शिक्षा के अभूतपूर्व विस्तार से बिहार में बड़े सामाजिक-आर्थिक बदलाव की तैयारी

बिहार सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा और आम आदमी की बुनियादी जरूरतों को लेकर एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। रविवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा की गई घोषणाएं इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि सरकार का मुख्य फोकस अब सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने पर है।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
अखिल भारतीय कानू-हलवाई विचार मंच के अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 31 मार्च 2027 तक एक करोड़ बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने का बड़ा लक्ष्य रखा है। यह कदम राज्य की एक विशाल आबादी की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र में सरकार की रणनीति और भी आक्रामक है। राज्य के 1.90 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं में से 1.70 करोड़ को पहले ही 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। अब सरकार 25 लाख गरीब परिवारों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने जा रही है, जिससे न केवल निर्बाध बिजली मिलेगी बल्कि राज्य में हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। ऊर्जा संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए 125 यूनिट या उससे कम खपत वाले परिवारों को ‘बधाई पत्र’ भेजने की अनूठी पहल भी शुरू की जा रही है।

सामाजिक न्याय और सुरक्षा के मोर्चे पर, सरकार ने भूमि माफियाओं और दबंगों को कड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गरीब और कमजोर परिवारों की जमीन पर कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और अतिपिछड़ा समाज को डरने की जरूरत नहीं है। यह कदम जमीनी स्तर पर कमजोर वर्गों में विश्वास बहाली का काम करेगा।

इसके साथ ही, राज्य में शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जहां आजादी के 78 वर्षों में बिहार में केवल 278 डिग्री कॉलेज थे, वहीं 15 जुलाई को एक झटके में 211 नए डिग्री कॉलेज खोलकर सरकार ने उच्च शिक्षा के विकेंद्रीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। इन कॉलेजों के लिए 3,000 प्रोफेसरों की संविदा पर नियुक्ति की जा रही है। मुजफ्फरपुर में ‘शहीद जुब्बा साहनी’ के नाम पर आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय की स्थापना तकनीकी शिक्षा को नई उड़ान देगी।

कनेक्टिविटी के मोर्चे पर, अगले पांच वर्षों में मरीन ड्राइव से पलवैया धाम तक बेहतर सड़क संपर्क और सोनपुर से राघोपुर पुल तक संपर्क मार्ग का विकास राज्य के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला साबित होगा।