बिहार में एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की उलटी गिनती शुरू हो गई है। आगामी 7 मई को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में सम्राट चौधरी सरकार के नए मंत्री शपथ लेंगे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की प्रबल संभावना है, जिसे लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
जानिए कि क्या है इस बार का ‘खास फॉर्मूला’? सूत्रों के मुताबिक, इस विस्तार में जातिगत जनगणना के आंकड़ों और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दी गई है। इस बार एक विशेष रणनीति अपनाई गई है :-
यदि किसी सहयोगी दल से एक विशेष जाति का मंत्री बनाया गया है, तो दूसरे दल में उस जाति को छोड़कर अन्य जातियों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य राज्य के सभी वर्गों और सहयोगी दलों को एक साथ साधकर 2025 की चुनावी जमीन तैयार करना है।
पार्टीवार मंत्रियों का गणित और संभावित चेहरे
कुल 27 मंत्री शपथ ले सकते हैं। मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम (विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव) को मिलाकर कैबिनेट की कुल संख्या 30 हो जाएगी।
- जेडीयू (JDU) – 11 से 14 संभावित नाम
जेडीयू ने अपने कोटे के मंत्रियों की सूची लगभग फाइनल कर ली है।
संभावित नाम हैं :-
बिजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खान, सुनील कुमार, शीला मंडल, रत्नेश सदा, बुलो मंडल, जयंत राज, भगवान सिंह कुशवाहा, श्वेता गुप्ता और ललन सर्राफ।
- बीजेपी (BJP) – 12 संभावित नाम
भाजपा इस बार कई नए चेहरों के साथ सामाजिक समीकरण साधने की तैयारी में है:
विजय कुमार सिन्हा, मंगल पाण्डेय, रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद और संजय सिंह टाइगर।
- अन्य सहयोगी दल (LJP-R, HAM, RLM)
लोजपा (रामविलास): चिराग पासवान की पार्टी से संजय सिंह और संजय पासवान को जगह मिल सकती है।
HAM: जीतन राम मांझी की पार्टी से संतोष कुमार सुमन का नाम तय है।
RLM: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से उनके बेटे दीपक प्रकाश के मंत्री बनने की चर्चा तेज है।
प्रशासनिक तैयारी और राजनीतिक माहौल
गांधी मैदान के बीचों-बीच भव्य मंच तैयार किया जा रहा है। प्रशासनिक हलचल और बीजेपी कार्यालय में डीएम-एसपी की मौजूदगी पीएम मोदी के आगमन के संकेतों को पुख्ता कर रही है। दूसरी ओर, मंत्री पद के दावेदार नेताओं में भारी उत्साह है; कई नेता महाकाल और कामाख्या मंदिर में मन्नत मांगकर अपनी कुर्सी पक्की होने की दुआ कर रहे हैं।
































