राज्यसभा चुनाव में ‘गायब’ रहने पर विधायक मनोज विश्वास की सफाई, “न पार्टी बदली, न पैसा लिया… जो किया आत्मसम्मान के लिए किया”

न्यूज स्कैन ब्यूरो, फारबिसगंज (पूर्णिया)
बिहार राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद उपजे राजनीतिक घमासान के बीच फारबिसगंज के कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने चुप्पी तोड़ी है। चुनाव के दौरान मतदान से अनुपस्थित रहने के कारण उन पर लग रहे आरोपों और क्षेत्र में फैली नाराजगी के बीच, उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जनता के सामने अपना पक्ष रखा है। विधायक ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने न तो पाला बदला है और न ही किसी प्रलोभन में आकर यह कदम उठाया है। उन्होंने इस फैसले को अपने ‘क्षेत्र के सम्मान’ से जोड़कर पेश किया है।

“अफवाहों पर न दें ध्यान, मैं आज भी कांग्रेसी हूँ”
मनोज विश्वास ने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके खिलाफ साजिश के तहत भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने लिखा :-

“मेरे फारबिसगंज विधानसभा के सभी भाईयों और बहनों को प्रणाम… 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, उनसे आप सभी के मन में जो भ्रम और नाराज़गी है, मैं उसे पूरी तरह समझता हूँ। मैं आप सबको बिल्कुल साफ-साफ बताना चाहता हूँ, मैंने किसी भी पार्टी को वोट नहीं दिया है। ना ही मैंने कोई पार्टी बदली है, और ना ही किसी से कोई पैसा लिया है।”

विधायक ने आगे जोर देते हुए कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए उन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्होंने अपनी निष्ठा जताते हुए साफ किया, “मैं आज भी कांग्रेस पार्टी में हूँ, और आगे भी कांग्रेस में ही रहूँगा।”

आत्मसम्मान या राजनीतिक मजबूरी?
गौरलतब है कि 16 मार्च को हुए मतदान के दौरान मनोज विश्वास सहित कांग्रेस के तीन विधायक अनुपस्थित रहे थे। इस ‘क्रॉस-एब्सेंटिज्म’ की वजह से महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा और एनडीए की राह आसान हो गई।

विधायक ने अपने फैसले का बचाव करते हुए लिखा:

“सच्चाई सिर्फ इतनी है कि मैंने जो फैसला लिया, वो अपने क्षेत्र, अपने लोगों और अपने आत्मसम्मान को ध्यान में रखकर लिया। आप लोग मेरे लिए सिर्फ वोटर नहीं हैं… मेरा परिवार हैं। और मैं अपने परिवार के साथ कभी धोखा नहीं कर सकता।”

क्षेत्र की नाराजगी और भविष्य की चुनौती
विधायक की इस सफाई के बावजूद फारबिसगंज और सीमांचल की राजनीति में उबाल है। महागठबंधन के समर्थकों का मानना है कि उनकी अनुपस्थिति ने विपक्षी एकता को गहरी चोट पहुँचाई है। हालांकि, मनोज विश्वास ने विश्वास दिलाने की कोशिश की है कि उन्होंने जो भी किया, वह गलत नहीं बल्कि जनता के सम्मान के लिए था। उन्होंने अंत में कहा, “आपका विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और मैं इस भरोसे को कभी टूटने नहीं दूँगा।”

अब देखना यह होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस स्पष्टीकरण को किस तरह लेता है, क्योंकि पार्टी पहले ही तीनों विधायकों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर चुकी है।