न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की समय पर सहायता कर जीवन रक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार की राह वीर (गुड सेमेरिटन) योजना को सुपौल जिले में प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल ने योग्य नागरिकों के नामों की अनुशंसा आमंत्रित की है। यह योजना 21 अप्रैल 2025 से प्रभाव में है।
अधिकारियों के अनुसार सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे गोल्डन आवर कहा जाता है, घायल व्यक्ति के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि इस अवधि में घायल को नजदीकी अस्पताल तक पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। लेकिन कानूनी भय और सामाजिक संकोच के कारण लोग अक्सर मदद से पीछे हट जाते हैं। इसी सोच को बदलने के लिए राह वीर योजना शुरू की गई है।
योजना के अंतर्गत ऐसे नागरिक, जो स्वेच्छा से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुंचाते हैं, उन्हें ‘राह वीर’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर चयनित राह वीरों को जिले में सम्मानित करने की योजना है।
जिला परिवहन कार्यालय ने आम नागरिकों, वाहन चालकों, पुलिस एवं यातायात पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस सेवा प्रदाताओं, सामाजिक संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों से ऐसे लोगों की पहचान कर अनुशंसा भेजने की अपील की है, जिन्होंने सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद कर मानवता का उदाहरण प्रस्तुत किया हो।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले गुड सेमेरिटन को पूर्ण कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उनके खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और न ही पुलिस या अस्पताल द्वारा अनावश्यक उत्पीड़न किया जाएगा।
इस संबंध में जिला पदाधिकारी सह अध्यक्ष जिला सड़क सुरक्षा समिति ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें समय पर इलाज न मिलने के कारण होती हैं। यदि आम नागरिक थोड़ी-सी संवेदनशीलता दिखाएं तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़कर मानव जीवन बचाने की मुहिम को सफल बनाया जाएगा।
परिवहन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में डरें नहीं, आगे बढ़कर घायल की सहायता करें। एक छोटी-सी पहल किसी परिवार की खुशियां लौटा सकती है। विभाग का संदेश साफ है
दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाइए, एक जीवन बचाइए और ‘राह वीर’ बनिए।































