महादान से महाकीर्तिमान : भारत के सबसे बड़े मेगा रक्तदान अभियान ने रचा इतिहास, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स पर नजर

राजधानी दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में रविवार को आयोजित भारत के सबसे बड़े मेगा रक्तदान अभियान ने एक नया इतिहास रच दिया है। लक्ष्मी तरु फाउंडेशन और युग संस्कृति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य आयोजन में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नया कीर्तिमान स्थापित करने के लक्ष्य के साथ हजारों लोगों ने रक्तदान किया। इस महाअभियान में दिल्ली-एनसीआर सहित विभिन्न राज्यों के युवाओं, सामाजिक संगठनों, आम नागरिकों और विशेष रूप से भारतीय सशस्त्र बलों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इंसानियत की एक नई मिसाल पेश की।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, नई दिल्ली
रोहिणी के जेएमडी टेंट में 2 अगस्त को आयोजित इस ऐतिहासिक शिविर में सुबह से ही रक्तदाताओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह, कैबिनेट मंत्री रविंदर सिंह इंद्राज और सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत कर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और इस सामाजिक पहल की जमकर सराहना की।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सशस्त्र बलों की सहभागिता इस अभियान को और भी अधिक गौरवशाली बनाती है। उन्होंने सभी स्वस्थ नागरिकों, विशेषकर युवाओं से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और अस्पतालों में सुरक्षित रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे विशाल अभियानों को नितांत आवश्यक बताया। कैबिनेट मंत्री श्री रविंदर सिंह इंद्राज और सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने भी युवाओं के उत्साह की प्रशंसा करते हुए इस आयोजन को एक बड़े जनआंदोलन का स्वरूप करार दिया।

इस अवसर पर लक्ष्मी तरु फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री विपिन गर्ग ने स्पष्ट किया कि संस्था का उद्देश्य केवल गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की पुस्तक में नाम दर्ज कराना नहीं है, बल्कि पूरे देश में नियमित स्वैच्छिक रक्तदान की एक स्थायी संस्कृति विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आज का प्रत्येक रक्तदाता किसी अनजान व्यक्ति के जीवन की रक्षा कर रहा है। इसी कड़ी में, युग संस्कृति न्यास के संस्थापक एवं अध्यक्ष आचार्य धर्मबीर ने कहा कि मानव सेवा ही सच्चा धर्म है और किसी जरूरतमंद को जीवन देना सबसे बड़ा पुण्य है। फाउंडेशन के महासचिव अंकित गर्ग ने भारी जनभागीदारी को इस बात का प्रमाण माना कि यदि समाज किसी जनहित के उद्देश्य से एकजुट हो जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

आयोजकों के अनुसार, इस विशाल महादान अभियान का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों, कैंसर मरीजों और आपातकालीन सर्जरी वाले रोगियों के लिए रक्त की कमी को दूर करना है। कार्यक्रम के समापन पर लक्ष्मी तरु फाउंडेशन और युग संस्कृति न्यास ने भारतीय सशस्त्र बलों, हजारों रक्तदाताओं, चिकित्सा टीमों, लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंकों, स्वयंसेवकों और मीडिया प्रतिनिधियों का इस ऐतिहासिक जनसेवा अभियान को सफल बनाने के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।