न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक क्रांति लाने और निवेशकों को लालफीताशाही से बचाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक सुधार किया है। अब राज्य के हर जिले में उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे। उद्योग विभाग ने इसके लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है।
निवेशकों को भटकने से बचाएगी नई व्यवस्था
पहले निवेशकों को जमीन, बिजली कनेक्शन, आवेदन की स्थिति जानने और सरकारी सहायता (सब्सिडी) प्राप्त करने के लिए अलग-अलग दफ्तरों की दौड़ लगानी पड़ती थी। कई बार इस जटिल प्रक्रिया और समय की बर्बादी से परेशान होकर निवेशक बिहार से वापस लौट जाते थे। इसी समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर उद्योग विभाग ने इस नई व्यवस्था को लागू किया है।
सिंगल विंडो सिस्टम के मुख्य फायदे:
एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएं: अब निवेशकों को भूमि आवंटन से लेकर सब्सिडी तक की सभी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
समय सीमा (Time Limit) का निर्धारण: सरकार ने प्रत्येक आवेदन के लिए एक समय सीमा तय कर दी है। इससे आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई होगी और निवेशकों को अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
निर्धारित अवधि में समस्याओं का समाधान: उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के अनुसार, निवेशकों के हर सवाल और समस्या का समाधान अब एक निश्चित समय के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
पारदर्शिता और सुगमता: वित्तीय सहमति, जमीन की उपलब्धता और बाजार से जुड़ी जानकारियां अब एक ही पोर्टल/विंडो पर मिलने से भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
हर जिले में विकसित होंगे औद्योगिक क्षेत्र
सरकार की योजना बिहार के प्रत्येक जिले में एक समर्पित औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की है। उद्योग मंत्री का कहना है कि इस कदम से न केवल निवेशकों की भागदौड़ कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी अब एक ही स्थान पर मिलने से छोटे और बड़े दोनों तरह के उद्यमियों को लाभ होगा।

































