न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
जिले में महान शिक्षाविद भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय जी एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आवर्तन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन भभुआ शहर स्थित शैल राजेन्द्र होटल में हुआ, जहां देश के विभिन्न कोनों से पहुंचे हास्य और व्यंग्य कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में एक के बाद एक कवियों ने मंच से ऐसी हास्य-व्यंग्य कविताएं प्रस्तुत कीं कि पूरा सभागार ठहाकों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। दर्शक कवियों की रचनाओं पर झूमते नजर आए और माहौल पूरी तरह साहित्यिक उत्सव में बदल गया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे रत्नेश चंचल तिवारी ने बताया कि आवर्तन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का यह नौवां आयोजन है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य देश की महान विभूतियों को स्मरण करते हुए साहित्य और विचार की परंपरा को आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम हर वर्ष दो चरणों में आयोजित किया जाता है, जिसमें पहले चरण में विचार गोष्ठी और दूसरे चरण में कवि सम्मेलन होता है।
इस अवसर पर रत्नेश चंचल तिवारी ने भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय जी के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक ऐसे युगपुरुष थे, जिन्होंने युवावस्था में ही शिक्षा की अलख जगाने का संकल्प लिया। उत्तर प्रदेश में शिक्षा के प्रसार के लिए उन्होंने लोगों से चंदा एकत्र कर काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की, जो आज न केवल भारत बल्कि विदेशों के युवाओं के लिए भी ज्ञान का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि जब तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय रहेगा, तब तक पंडित मदन मोहन मालवीय जी युवाओं के दिलों में जीवित रहेंगे और शिक्षा की ज्योत जलती रहेगी।
कवि सम्मेलन के माध्यम से जहां एक ओर श्रोताओं को भरपूर मनोरंजन मिला, वहीं दूसरी ओर मालवीय जी और अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और मूल्यों को याद कर उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी कवियों और उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।

































