मदरौनी की बेटी आयुषी सिंह ने रचा इतिहास, ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट में 19वां रैंक

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, नवगछिया (भागलपुर)
नवगछिया अनुमंडल के मदरौनी गांव की होनहार बेटी आयुषी सिंह ने अपनी प्रतिभा और अथक परिश्रम के बल पर ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट (AILET) में शानदार सफलता हासिल की है। आयुषी ने अखिल भारतीय स्तर पर 19वां रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे मदरौनी और जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया है।
बता दें कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए आयोजित AILET परीक्षा में मात्र 120 सीटें उपलब्ध होती हैं, ऐसे में शीर्ष 20 में स्थान बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
आयुषी सिंह, बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के कार्मिक विभाग में मुख्य कार्यालय अधीक्षक पद पर कार्यरत धर्मेंद्र सिंह एवं मौसम सिंह की पुत्री हैं। वर्तमान में आयुषी अपने पिता के साथ काशी में रहकर अध्ययन कर रही हैं। उनके दादा स्वर्गीय श्रीधर सिंह, सेवानिवृत्त प्रखंड विकास पदाधिकारी रह चुके हैं।
अपनी इस सफलता का श्रेय आयुषी पूरे परिवार को देती हैं। विशेष रूप से वह अपने बड़े पापा जितेंद्र सिंह को प्रेरणास्रोत मानती हैं, जो उन्हें निरंतर न्यायाधीश बनने के लिए प्रोत्साहित करते रहे हैं। आयुषी की यह उपलब्धि उनके समर्पण, अनुशासन और प्रतिभा का जीवंत उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ी के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।
इस उपलब्धि से मदरौनी गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और शुभकामनाएं देकर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। ग्रामीण डॉ. रोशन सिंह ने कहा कि कोशी कटाव के कारण भले ही मदरौनी गांव भौगोलिक रूप से बिखर गया हो, लेकिन यहां के प्रतिभाशाली बच्चे समय-समय पर ऐसे परिणाम देकर पूरे समाज को फिर से एकजुट कर जश्न का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मदरौनी की धरती शिक्षा और प्रतिभा के लिए सदैव जानी जाती रही है।
आयुषी सिंह की इस ऐतिहासिक सफलता पर गांव, जिले और शुभचिंतकों की ओर से उन्हें ढेरों बधाइयां और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी जा रही हैं।