परीक्षा केंद्र की मांग को लेकर विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षा केंद्र को गृह जिला सुपौल में ही निर्धारित किए जाने की मांग को लेकर स्थानीय भारत सेवक समाज महाविद्यालय सुपौल मे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला शाखा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक राजेश कुमार के नेतृत्व में भारत सेवक समाज महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर आयोजित किया गया। धरना प्रदर्शन में शामिल परिषद कार्यकर्ताओं ने बीएनएमयू प्रशासन के खिलाफ और छात्रहित की आवाज बुलंद की ।
विद्यार्थी के नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा भारत सेवक समाज महाविद्यालय, सुपौल का परीक्षा केंद्र मधेपुरा जिले में निर्धारित कर दिया गया है, जबकि मधेपुरा और सहरसा जिलों के विद्यार्थियों को उनके गृह ज़िले में ही परीक्षा केंद्र की सुविधा दी गई है। इससे स्पष्ट होता है कि सुपौल जिले के छात्रों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
जिले के दूर-दराज़ क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन 80 से 90 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ रही है, जो न केवल अव्यवहारिक है बल्कि आर्थिक, शारीरिक एवं सुरक्षा की दृष्टि से भी छात्रों के लिए अत्यंत कष्टदायक है।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता शिवजी कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लगातार सुपौल जिले के छात्रों की अनदेखी की जा रही है। मनमाने ढंग से परीक्षा केंद्र गृह ज़िला सुपौल में न देकर मधेपुरा निर्धारित किया जाता है, जबकि सहरसा का सहरसा और मधेपुरा का मधेपुरा ही परीक्षा केंद्र बनाया जाता है। यदि शीघ्र ही इस गंभीर विषय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाय।
वहीं छात्र नेता रंजीत झा ने कहा कि सुपौल जिले के अंतर्गत एल.एन.एम.एस. कॉलेज, वीरपुर के छात्रों को 70–80 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद भारत सेवक समाज महाविद्यालय, सुपौल एवं अनूप लाल यादव कॉलेज, त्रिवेणीगंज को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाना विश्वविद्यालय प्रशासन की मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है। यह निर्णय पूरी तरह तर्कहीन एवं छात्रहित के विरुद्ध है।
एबीवीपी के जिला संयोजक राजेश कुमार ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि वर्षभर छात्रहित के लिए संघर्ष करने वाला सशक्त छात्र आंदोलन है। परिषद द्वारा बार-बार कॉलेज एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया गया है, फिर भी सुपौल जिले के साथ सौतेला व्यवहार किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते परीक्षा केंद्र की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
इस मौके पर नगर मंत्री आलोक कुमार ,नगर सह मंत्री कुंदन कुमार, पूजा कुमारी ,दिव्या कुमारी, पलक कुमारी श्रेया कुमारी ,मनु कुमारी ,सतीश कुमार, अभय प्रताप, गोलू कुमार, रिंकू कुमार, नीरज कुमार, मनीष कुमार, रितिक कुमार, दीपक कुमार, रोहित कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।