त्याग और तपस्या का दूसरा नाम है किसान.गरीबों का असली एटीएम है बकरी – डॉ अमन

महिला किसान चौपाल का कोरियापट्टी
पश्चिम में हुआ आयोजन

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

कृषि विभाग के सौजन्य से त्रिवेणीगंज प्रखंड अंतर्गत पंचायत सरकार भवन कोरियापट्टी पश्चिम में शुक्रवार को जैविक खैती एवं बकरी पालन को लेकर महिला किसान चौपाल सह कृषि जन कल्याण चौपाल 2025 का आयोजन किया गया। मुखिया रामानन्द यादव की अध्यक्षता में आयोजित चौपाल को संबोधित करते हुए बिहार राज्य किसान सलाहकार संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमन कुमार ने कहा कि बेहतर मुनाफा के लिए किसानों को किसानी का नवीनतम गुर सीखना आवश्यक है। त्याग और तपस्या का दूसरा नाम किसान है। किसान धरती माता का सच्चा सपूत हैं। उसके लिए खेत ही मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा हैं। वह जीवन भर मिट्टी से सोना उत्पन्न करने की तपस्या करता रहता हैं। प्रत्येक किसान परिवार को खाद्यान, आहार, चारा, ईंधन, रेशा और उर्वरक पर आत्मनिर्भर होना अतिआवश्यक हैं। इससे पौष्टिक आहार मिलने के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी कम होंगे। महिलाओं का जिक्र करते हुए डॉ अमन कुमार ने कहा कि किसानों के प्रति सरकार संवेदनशील है। कृषि दुनिया का सबसे बड़ा कारखाना है। महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। कृषि के क्षेत्र में महिलाएं सदैव निर्णायक भूमिका में रही है। देश की 76 प्रतिशत कामकाजी महिलाएं कृषि से जुड़ी हुई है।वैज्ञानिक तरीके अपनाकर बकरी पालन व्यवसाय से किसानों की आय दुगुनी से तिगुनी हो सकती है। बकरी पालन में उच्च नस्ल का चयन आवश्यक है। बकरी गरीबों का असली एटीएम है। कहा कि स्वरोजगार के लिए बकरी पालन बेहतर विकल्प है। कम लागत में बेहतर आमदनी पाने का सुगम जरिया है। अब खेती के साथ-साथ किसानों को मत्स्य, पशुपालन, बकरी पालन व मुर्गी पालन जैसे व्यवसाय करने की आवश्यकता है। वृक्ष की पत्तियां, टहनियाँ, खरपतवार, घास, हरा चारा एवं रसोईघर के बेकार खाने की चीजों का उपयोग कर बकरी के आहार का प्रबंध किया जा सकता है। बकरी का दूध खासकर बच्चे और बूढ़े के लिए अमृत के समान है।
चौपाल में उप मुखिया सज्जन यादव,गिरधारी यादव, राजीव कुमार, बमबम यादव,रूपेश कुमार, घनश्याम यादव, रामानंद यादव, उपेन्द्र यादव, सुरेन्द्र यादव, सीताराम यादव,मो.जलील आलम, रूबी कुमारी, अनोखा देवी,भाव्या भारती, मोनिका कुमारी, हेमलता कुमारी, निक्की कुमारी सहित अन्य शामिल थे।