गांव की मिट्टी से ग्लोबल मंच तक: भागलपुर के साकेत रंजन ने लहराया अंतरराष्ट्रीय सफलता का परचम

  • साइप्रस में चमका भागलपुर का सितारा: साकेत रंजन के ‘सुपर उद्यम’ की दुनिया ने की सराहना

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

जिला के युवा साकेत रंजन ने संघर्ष, मेहनत और संकल्प की मिसाल पेश करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर भागलपुर का नाम रोशन किया है। टेक्नो–इनोवेशन और एग्री–टेक्नोलॉजी आधारित अपने स्टार्टअप को वैश्विक पहचान दिलाते हुए उन्होंने साइप्रस में आयोजित इन्वेस्ट इन फ्यूचर समिट में ‘सुपर उद्यम’ का झंडा फहराया। इस कार्यक्रम में उन्हें साइप्रस के राष्ट्रपति के साथ विशेष डिनर मीट में शामिल होने का अवसर भी मिला, जो किसी भी युवा उद्यमी के लिए गौरव का क्षण है।

18 वर्ष पहले शुरू हुआ था संघर्ष का सफर

साकेत की सफलता की कहानी करीब 18 साल पहले शुरू हुई थी। टेक्नो प्वाइंट और टेक्नो मिशन इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक अंशु सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि साकेत 12वीं में कमजोर परिणाम के कारण नामांकन में कठिनाई झेल रहे थे। ऐसे में उन्होंने छात्र को एक महीने की मोहलत देते हुए कहा कि “सुधार दिखे तो ही नामांकन होगा।”

साकेत ने मेहनत शुरू की और पिता उमेश चंद्र सिंह हर सप्ताह फीस जमा करने की जिद्द करते रहे। एक महीने बाद भी सुधार की गुंजाइश नहीं थी, लेकिन साकेत के जुनून और समर्पण ने शिक्षकों को प्रभावित किया। आगे जाकर उनकी पढ़ाई को मजबूती देने के लिए हॉस्टल में रखा गया, जहां उन्होंने पूरी एकाग्रता के साथ तैयारी की और सफलता की राह पकड़ ली।

विदेशों में काम का अनुभव, अब अपना स्टार्टअप

साकेत वर्षों बाद जब अपने गुरु से मिलने लौटे, तो उन्होंने बताया कि कई देशों में काम करने के बाद अब वे खुद का स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इसके उद्घाटन के लिए वे अपने गुरु अंशु सिंह को ही बुलाना चाहते हैं। अंशु सिंह ने पोस्ट में लिखा कि “शिक्षक के लिए इससे बड़ा गौरव नहीं कि उसका छात्र संघर्ष से निकलकर दुनिया में अपनी पहचान बनाए।”

साइप्रस समिट में भारतीय नवाचार की गूंज

साइप्रस में आयोजित समिट में साकेत ने स्मार्ट खेती, संसाधन प्रबंधन, टेक्नो–एग्री मॉड्यूल सहित कई अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों को यूरोपीय विशेषज्ञों ने ग्रामीण विकास और कृषि तकनीक के लिए बेहद उपयोगी बताया।

साइप्रस के राष्ट्रपति ने साकेत के काम में विशेष रुचि दिखाई तथा भविष्य में इस तरह के नवाचार को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया। इस दौरान भारत के साइप्रस में उच्चयुक्त मनीष कुमार ने भी साकेत का समर्थन करते हुए कहा कि “भारतीय युवा उद्यमशीलता अब पूरे यूरोप को प्रभावित कर रही है।”

भागलपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना

साकेत ने बताया कि आने वाले वर्षों में वे भागलपुर के विकास में तकनीकी सहयोग देने की दिशा में काम कर रहे हैं। शहर की जल-निकासी व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट, नगर सेवाओं का डिजिटलीकरण और एग्री–मार्केट को आधुनिक बनाने के लिए वे कई स्टार्टअप के साथ मिलकर रोडमैप तैयार कर रहे हैं।

मोदी के साइप्रस दौरे के बाद बढ़ी संभावनाएं

उल्लेखनीय है कि कुछ माह पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साइप्रस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी और कृषि नवाचार के नए द्वार खुले हैं। इसी पृष्ठभूमि में साकेत रंजन का वैश्विक मंच पर उभार बिहार ही नहीं, बल्कि भारत के लिए भी गौरव की बात माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय सम्मान से प्रेरित नई पीढ़ी

समिट में साकेत द्वारा विकसित प्रोजेक्ट के डेमो और भविष्य की योजनाओं की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने खूब सराहा। उनकी उपलब्धि से भागलपुर ही नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं में नवाचार और तकनीकी उद्यमशीलता की नई प्रेरणा जागृत हुई है।