न्यूज स्कैन ब्यूरो, किशनगंज
जिले के पोठिया प्रखंड अंतर्गत पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्र देवनंदन रॉय उर्फ़ सुरजीत रॉय की आत्महत्या का मामला अब सनसनीखेज मोड़ पर पहुँच गया है। पीड़ित छात्र की मां ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक सागर कुमार के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। वहीं, मुख्य आरोपी कोचिंग संचालक आदिल रब्बानी घटना के बाद से फरार हैं।
अश्लील वीडियो के वायरल होने से इलाके में तनाव
मृतक छात्र की मौत के दस दिन बाद सामने आया एक अश्लील वीडियो पूरी घटना को और गंभीर बना गया। वीडियो में आदिल रब्बानी को मृतक छात्र के साथ कथित अप्राकृतिक संबंध बनाते दिखाया गया है। वीडियो उसी होस्टल का बताया जा रहा है, जहां देवनंदन पढ़ाई के लिए रहता था। वीडियो वायरल होते ही इलाके में तनाव और आक्रोश फैल गया।
परिजन बोले – लंबे समय से शारीरिक शोषण और ब्लैकमेल
परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने लंबे समय से देवनंदन का यौन शोषण किया और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करता रहा। परेशान होकर छात्र ने छत्तरगाछ का कोचिंग छोड़ दिया और पौआखाली चला गया, लेकिन आरोपी ने वहां भी पीछा नहीं छोड़ा। वीडियो दिखाकर मानसिक प्रताड़ना जारी रही। अंततः 28 अक्टूबर को छात्र ने अपने घर में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया।
देवनंदन के बड़े भाई देवाशीष रॉय ने लिखित शिकायत पर पहाड़कट्टा थाना में कांड संख्या 127/25 दर्ज कराई। प्राथमिकी में आदिल रब्बानी और झीनाखोर तैयबपुर निवासी जिसान को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसमें शारीरिक शोषण, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का जिक्र है।
अन्य छात्रों की भी शिकायतें
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी का अन्य छात्रों के साथ भी अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। कई छात्र और छात्राएं आरोपी की हरकतों से परेशान थे, लेकिन डर के कारण कुछ बोल नहीं पाए।
ग्रामीणों में आक्रोश, पुलिस पर दबाव
छत्तरगाछ पुलिस कैंप से सटे कोल्था कॉलोनी में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी क्षेत्र में प्रभावशाली है, इसलिए पुलिस पर नरमी बरती जा रही है। ग्रामीणों और परिजनों का सवाल है—“जब वीडियो सार्वजनिक हो चुका है, तो आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?”
छात्र सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह मामला होस्टलों में छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संचालकों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य और समय पर काउंसलिंग पर ध्यान दिया जाता, तो छात्र की जान बच सकती थी।
पुलिस अधीक्षक का बयान
पुलिस अधीक्षक सागर कुमार ने कहा कि उनकी टीम आरोपी की तलाश में लगी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून से कोई भी आरोपी नहीं बच सकता और जल्द ही आदिल रब्बानी सलाखों के पीछे होगा।
फिलहाल इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन आक्रोश और नाराजगी लगातार बढ़ रही है। परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं और पूछ रहे हैं—“कब तक मासूम बच्चों का शोषण होता रहेगा?”

































