न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
टेक्नो मिशन इंटरनेशनल स्कूल, भागलपुर का 22वां वार्षिकोत्सव टाउन हॉल में बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। समारोह में छात्रों ने नृत्य, संगीत और नाट्य-प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उद्घाटन अवसर पर स्कूल के निदेशक ई. अंशु सिंह एवं इला सिंह के साथ प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सोमेन चटर्जी, डॉ. राकेश मिश्रा, भागलपुर अभियंत्रण कालेज के प्राचार्य ट्रिपल आईटी के रजिस्ट्रार गौरव कुमार, डाॅ. पंकज मनस्वी, आशुतोष, डॉ. रोहित तथा डॉ. संजीव सहित कई सम्मानित व्यक्ति उपस्थित थे।
‘कृष्ण प्रिया’ नृत्य-नाटिका ने मोहा मन
कार्यक्रम की मुख्य प्रस्तुति रही ‘कृष्ण प्रिया’ नृत्य-नाटिका, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इस नाटिका में भगवान कृष्ण और राधा के आध्यात्मिक प्रेम को गीता के उपदेशों से जोड़ते हुए समाज में प्रेम, शांति और करुणा का संदेश देने का प्रयास किया गया। आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में समभाव, सहानुभूति और मानवीय प्रेम की महत्ता को बाल कलाकारों ने नृत्य और अभिनय के माध्यम से प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया।
छात्रों ने निभाए प्रमुख किरदार
इस नृत्य-नाटिका में –कृष्ण की भूमिका : प्राची एवं दिक्षानी। राधा/राजा की भूमिका : माया एवं उन्नति
यशोदा : अनुष्का
ललिता : अदिति
नंद : मार्गव
ऋषि : साजन
इसके अलावा सिफा, सोनम, अक्षरा, सृष्टि, माही, पुष्कर, यश, सोहन, आकाश तथा अन्य कई बच्चों ने अपने उत्कृष्ट अभिनय और नृत्य से दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं।
शिक्षकों का सराहनीय निर्देशन
‘कृष्ण प्रिया ’ का निर्देशन इला सिंह ने किया, जिसमें रिया, अनुष्का, लीना, दुर्गा, प्रीति, साक्षी, चैताली, निशा, रूपम, मेघा, दीपक, सौरभ, मौसमी, ममता तथा अन्य शिक्षकों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का सुचारु मंच संचालन रिया और प्रत्युष ने किया।
‘स्कूल केवल शिक्षा नहीं, संस्कार भी देता है’-निदेशक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक ई. अंशु सिंह ने कहा कि टेक्नो मिशन इंटरनेशनल स्कूल केवल परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, संस्कार, रचनात्मकता और आत्मज्ञान का भाव विकसित करने वाला विद्यालय है। उन्होंने कहा —“हमारी कोशिश है कि बच्चे प्रतियोगी दुनिया के साथ-साथ मानवीय मूल्यों से भी जुड़े रहें।” कार्यक्रम का समापन डॉ. दिनेश कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

































