बहादुरगंज विधायक तौसीफ आलम पर नामांकन में बच्चों व पेंशन का विवरण छिपाने का आरोप, शिकायत दर्ज

न्यूज स्कैन ब्यूरो, किशनगंज

बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित AIMIM विधायक तौसीफ आलम पर गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय निवासी आसिफ अकरम ने मंगलवार को जिला निर्वाची पदाधिकारी सह डीएम विशाल राज को लिखित शिकायत दी है कि विधायक तौसीफ आलम ने हालिया विधानसभा चुनाव में दाखिल नामांकन पत्र और शपथ-पत्र में अपनी तीन संतानों (दो पुत्रियां और एक पुत्र) का जिक्र ही नहीं किया, जबकि नियम के अनुसार निर्वाचन में उम्मीदवार को अपनी सभी आश्रित संतानों की पूरी जानकारी देनी अनिवार्य है।

शिकायतकर्ता आसिफ अकरम (पिता-मसाबिर आलम, ग्राम सरंडा, वार्ड-13, बहादुरगंज) ने आगे आरोप लगाया है कि तौसीफ आलम इससे पहले चार बार विधायक रह चुके हैं और उन्हें विधायक पेंशन भी मिल रही है, लेकिन नामांकन पत्र में पूर्व विधायक होने और पेंशन प्राप्त करने का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इसे जानबूझकर तथ्य छिपाने की कोशिश बताया गया है। शिकायत की प्रतिलिपि बिहार राज्य निर्वाचन आयोग, पटना को भी भेजी गई है।

जिला निर्वाची पदाधिकारी विशाल राज ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा, “हमें विधायक तौसीफ आलम के नामांकन और शपथ-पत्र में गलत/अधूरी जानकारी देने संबंधी लिखित परिवाद प्राप्त हुआ है। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद इस पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।”

गौरतलब है कि तौसीफ आलम ने हालिया विधानसभा चुनाव में बहादुरगंज सीट पर AIMIM के टिकट पर जीत हासिल की है। वे 2000 (फरवरी), 2000 (अक्टूबर), 2010 और अब 2025 में पांचवीं बार विधायक बने हैं। अगर आरोप सही पाए गए तो यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 125A के तहत आपराधिक मामला बन सकता है, जिसमें तीन महीने से दो वर्ष तक की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। साथ ही निर्वाचन आयोग सदस्यता रद्द करने की कार्रवाई भी कर सकता है।

स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस शिकायत ने हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे “जनता के साथ धोखा” करार दिया है, वहीं AIMIM समर्थकों ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है।

अब सभी की निगाहें निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि जांच में तथ्य छिपाने की पुष्टि हुई तो बिहार विधानसभा में एक और सदस्यता रद्द होने का मामला बन सकता है।