भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज : भाई ने रैगिंग रोकने की कोशिश की तो छात्रों ने दो साल बाद छोटे भाई आयुष पर जानलेवा हमला कर लिया बदला

  • कॉलेज में अराजकता की पराकाष्ठा, एफआईआर होने के बावजूद पहचान करने वाले छात्रों पर हुआ हमला

ततहीर कौसर, भागलपुर

भागलपुर इंजिनियरिंग कॉलेज में छात्र अब सिर्फ पढ़ाई नहीं कर रहे, बल्कि वर्षों पुरानी दुश्मनी निभाने के लिए अपने ही कॉलेज के छात्र पर जानलेवा हमला भी कर रहे हैं। दरअसल कॉलेज के कंप्यूटर साइंस विभाग के फाइनल ईयर के छात्र पर शुक्रवार को जानलेवा हमला वर्षों पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए किया गया । साथ ही उसे दो साल पहले रैगिंग रोकने की जुर्रत करने की भी सजा दी गई है। छात्र आयुष का भाई ( दूर का रिश्तेदार) तथागत राज ने दो साल पहले कॉलेज में कुछ छात्रों को अपने जूनियर का रैगिंग करने से रोका था। उस वक्त रात को तथागत के साथ भी मारपीट करने की कोशिश हुई थी। अब जब दो साल बाद तथागत का भाई आयुष कॉलेज के हॉस्टल नंबर 4 में किसी काम से पहुंचा तो पहले से दिल में बदले की आग लिए छात्र उसपर लाठी डंडा लेकर टूट पड़े। वो अपनी बाइक से उतर भी न नहीं पाया था कि उसपर हमला कर दिया गया। उसका सर बुरी तरह से जख्मी हुआ और वो बाइक से गिर पड़ा। अभी वो एम्स पटना में भर्ती है। उसके ब्रेन से ब्लड क्लाट हटाने का ऑपरेशन हो चुका है। उसके एक हाथ में कोई सेंसेशन नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो अब उसके स्पाइनल कॉर्ड का ऑपरेशन होगा।

एफआईआर के बाद भी कॉलेज में हुआ तांडव

इंजीनियरिंग कॉलेज के कुछ छात्र अब पूरी गुंडई पर उतर चुके हैं। आयुष पर हमले के बाद कुछ छात्र सीसीटीवी फुटेज देखने पहुंचे और हमलावर छात्रों को पहचान कर उनपर एफआईआर करवाने के लिए नाम दिया। इसके बाद करीब 50 की संख्या में छात्र मॉब की तरह हाथ में लाठी डंडा ले कर कॉलेज की मेन बिल्डिंग में घुसे। इनमें से ज्यादातर छात्र हेलमेट पहन कर गए ताकि पहचाना न जा सके। उन्होंने उन छात्रों के साथ मारपीट की जिन्होंने आयुष को मारने को लेकर सीसीटीवी फुटेज की पहचान की थी।

सीसीटीवी फुटेज में जिन छात्रों की हुई पहचान

सिविल विभाग: अंकेश किरण, मुरलीधर कुमार, ऋषभ राज, अस्तित्व कौशल, अमांत कुमार, अभिषेक आनंद, आलोक कुमार

मैकेनिकल विभाग: कुमार आदित्य

इलेक्ट्रिकल विभाग: प्रिंस कुमार यादव, निशांत भूषण

एफआईआर में इन छात्रों के नाम दर्ज

सिविल विभाग: अस्तित्व कौशल, अभिषेक आनंद, अमांत कुमार

मैकेनिकल विभाग: कुमार आदित्य

इलेक्ट्रिकल विभाग: निशांत भूषण

ट्रिपल आईटी की सुरक्षा पर भी सवाल

इसी कैंपस में ट्रिपल आईटी भी संचालित होता है। ऐसे में लगातार होने वाली मारपीट और जातीय हिंसा ने इसकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां देशभर से छात्र पढ़ने आते हैं, लेकिन कैंपस का माहौल देखकर बाहरी छात्र और उनके अभिभावक असमंजस में पड़ जाते हैं। डर यह है कि यहां शिक्षा के लिए आए बच्चे कहीं इस गुटबाज़ी और हिंसा की चपेट में न आ जाएं। अगर हालात नहीं सुधरे, तो भविष्य में मेधावी छात्र इस संस्थान को चुनने से बचेंगे और भागलपुर की पहचान धूमिल होगी।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल :
हर बार विवाद के बाद एफआईआर होती है, लेकिन कार्रवाई धीमी पड़ जाती है। छात्रों का आरोप है कि दोषी खुलेआम घूमते हैं, जबकि पुलिस सिर्फ़ जांच जारी है कहकर मामला ठंडे बस्ते में डाल देती है। कॉलेज प्रशासन की चुप्पी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।

बीते वर्ष नवंबर में रैगिंग की वजह से हुआ था बड़ा बवाल

रैगिंग और लड़ाई (रैगिंग विवाद): नवंबर 2024 में कॉलेज में रात के समय रैगिंग विवाद बढ़ गया और जूनियर्स-सीनियर्स के बीच मारपीट हुई। कुछ छात्रों को चोटें आई और कॉलेज की संपत्ति को भी नुकसान हुआ।
उसी समय, पुलिस को बुलाना पड़ा, कॉलेज परिसर में तनाव बढ़ा, और छात्रों को अस्पताल भेजा गया। ये लड़ाई होस्टल नंबर 6 और 7 के बीच झूठ पकड़े जाने से शुरू हुई थी।

बड़ा सवाल: शिक्षा या जातीय राजनीति?

भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, जो कभी बिहार के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में गिना जाता था, आज गुटबाज़ी और जातीय नफरत की वजह से सुर्खियों में है। सवाल यह है कि क्या यहां पढ़ाई और तकनीकी विकास के बजाय जातीय राजनीति ही छात्रों का भविष्य तय करेगी?
सितंबर 2018 – हॉस्टल में जमकर मारपीट की खबर सामने आयी ।

फरवरी 2019 – दो गुटों में मारपीट, कई छात्र घायल, कुछ निलंबित।

नवंबर 2021 – कोविड के बाद कॉलेज खुला, गुटबाजी तेज हुई।

अगस्त 2022 – दो गुटों में भिड़ंत, पुलिसिया कार्रवाई धीमी।

मार्च 2023 – फाइनल ईयर और जूनियर्स में झगड़ा, हॉस्टल खाली कराया गया।

जुलाई 2024 – सोशल मीडिया पर झगड़े के वीडियो वायरल।

सितम्बर 2025 – ताज़ा हिंसा, आयुष गंभीर रूप से घायल, पटना एम्स रेफर।


कॉलेज में छात्र सुरक्षित नहीं है। एफआईआर के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हो रही। छात्र आयुष की हालत गंभीर है। वहां सुरक्षा का कड़ा इंतेजाम होना चाहिए।
-प्रीति शेखर, बीजेपी नेत्री