सावन की तीसरी सोमवारी पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, आठ किलोमीटर लंबी कतार में चार लाख श्रद्धालु

न्यूज स्कैन ब्यूरो, देवघर

श्रावण मास की तीसरी सोमवारी पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। मंदिर नगरी पूरी तरह गेरुआ रंग में रंग गई, जब चार लाख से अधिक कांवरिये जलाभिषेक के लिए बाबा के दरबार पहुंचे।

भक्तों की कतार कुमैठा स्टेडियम तक फैली हुई थी, जिसकी लंबाई लगभग 8 किलोमीटर आंकी गई है। रविवार की रात से ही कांवरियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी, जो सोमवार की सुबह तक विशाल जनसैलाब का रूप ले चुकी थी।

श्रद्धा और व्यवस्था का अनोखा संगम

सुबह 3:15 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही परंपरा अनुसार कांचा जल पूजा की गई। इसके बाद सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा ने बाबा बैद्यनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की। 4:15 बजे से आम भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोले गए।

राज्य सरकार के निर्देश पर VIP और आउट ऑफ टर्न दर्शन की व्यवस्था इस बार पूरी तरह बंद रही। भक्त समान पंक्ति में लगे नजर आए।

AI तकनीक से Crowd Management

इस वर्ष श्रावणी मेले में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी और व्यवस्था की गई, जिससे रूटलाइन पर सुरक्षा, कंट्रोल रूम और भक्तों की सुविधा को बेहतर ढंग से मैनेज किया गया।

प्रशासन अलर्ट मोड में

देवघर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा और एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग अपनी टीम के साथ पूरी रात रूटलाइन और मंदिर परिसर में मुस्तैद रहे। CCTV से लेकर ड्रोन कैमरे तक हर पल की निगरानी की जा रही थी।

देवघर बना आस्था की राजधानी

सोशल मीडिया पर सुबह से ही वीडियो, फोटो और लाइव स्ट्रीमिंग के ज़रिए श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ की जयकार से माहौल को भक्तिमय बना दिया। “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से आसमान गूंज उठा।


हाइलाइट्स

4 लाख से अधिक भक्तों ने किया जलाभिषेक

8 किलोमीटर लंबी कतार, रात्रि से लगी भीड़

VIP दर्शन पूरी तरह बंद

पहली बार AI तकनीक से कंट्रोल

3:15 AM: मंदिर खुला | 4:15 AM: आम भक्तों के लिए प्रवेश

भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्था संतोषजनक