परबत्ता :स्कूल में प्रभार के लिए पत्र का खेल, तीन महीने बाद बीईओ ने अपने ही आदेश को रद्द कर निकाला नया आदेश, जन्मतिथि बना आधार

परबत्ता। प्रबत्ता प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने विद्यालय प्रभार के लिए अपने ही आदेश को पलट दिया है। बीईओ ने तीन महीने में दूसरा पत्र निकाला है। जिसके तहत प्रखंड के मध्य विद्यालय मड़ैया पिपरा के प्रभारी के रुप में योगदान के लिए वरीयतम शिक्षक अब्दुल मन्नान को आदेश जारी किया है। बता दें कि इससे पहले प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा उक्त विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यपक के रुप में बेवी कुमारी से कार्य लिया जा रहा था। जिसके विरोध में विद्यालय के सभी शिक्षकों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से आपत्ति जताई थी। जिसके बाद अब्दुल मन्नान को वरीयता के आधार पर विद्दालय का प्रभार दिया गया है। जन्मतिथि को बनाया गया आधारउक्त प्रभार अब्दुल मन्नान को आपसी वरीयता का निर्धारण जन्मतिथि के अधार पर दिया गया है।

बता दें कि बिहार सरकार शिक्षा विभाग के संचिका संख्या 07/प्रो० 03-08/2025-4206 पटना दिनांक 22.11.2025 द्वारा निर्गत आदेश के कंडिका 4 (ख) के अनुसार मध्य विद्यालय में वर्ग 6-8 के शिक्षक पदस्थापित नहीं हो तो कक्षा 1 से 5 के न्यूनतम आठ वर्ष का शिक्षण अनुभव वाले स्थानीय निकाय शिक्षक (प्रशिक्षित शिक्षक) अथवा विशिष्ट शिक्षक अथवा विद्यालय अध्यापक को प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य करने हेतु प्राधिकृत किया जायेगा। वर्णित मापदंड के अनुरूप एक से अधिक शिक्षक होने की स्थिति में आपसी वरीयता का निर्धारण जन्मतिथि के अधार पर किया जायेगा अर्थात जिनका जन्मतिथि पहले होगा वही वरीय होंगे और उन्हे प्रधानाध्यापक का प्रभार दिया जायगा ।12 शिक्षकों ने जताया था आपत्तिगौरतलब है कि मध्य विद्यालय मड़ैया पिपरा के 12 शिक्षकों ने इसके उपर आपत्ति जताया था। जिनके द्वारा बीईओ को लिखित आवेदन दिया गया। जिसेके बाद वरीयता के आधार पर शिक्षक अब्दुल मन्नान को प्रभारी बनाया गया। वहीं पत्र में वरीय शिक्षक को निर्देश दिया गया है कि वर्तमान प्रभारी प्रधानाध्यापक बेबी कुमारी से विद्यालय संचालन का सम्पूर्ण प्रभार (वित्त सहित) प्राप्त कर मध्य विद्यालय मड़ैया पिपरा का संचालन करना सुनिश्चित करेंगे। विद्यालय में पदस्थापित प्रधानाध्यापक के स्वस्थ्य होकर विद्यालय में योगदान करने की स्थिति में यह आदेश स्वतः समाप्त हो जायेगा।