बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ‘एक्शन मोड’ में काम शुरू कर दिया है। बुधवार को मुख्य सचिवालय पहुँचते ही उन्होंने राज्य के आला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की और स्पष्ट कर दिया कि उनके शासन में ‘सुस्ती’ और ‘भ्रष्टाचार’ के लिए कोई जगह नहीं है।
न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब बिहार को विकसित प्रदेश बनाने के लिए ‘दुगुनी गति’ से काम करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्यालय स्तर से लेकर प्रखंड और थाना स्तर तक कार्यों को लटकाने की पुरानी प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी। जनता की समस्याओं का समाधान समय सीमा के भीतर होना चाहिए।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार का कड़ा रुख साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर पूरी दृढ़ता से काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भूमि विवादों का त्वरित निपटारा
बैठक में मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण आंकड़े का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में 60 से 70 प्रतिशत आपसी विवादों का कारण ‘भूमि विवाद’ है। उन्होंने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को सख्त निर्देश दिए कि भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान सरल बनाया जाए और इनका जल्द से जल्द निपटारा किया जाए ताकि जनता को अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मोदी और नीतीश के विजन को बढ़ाएंगे आगे
सीएम ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने और नीतीश कुमार द्वारा शुरू किए गए ‘सात निश्चय’ कार्यक्रमों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 को तेजी से धरातल पर उतारा जाएगा। सभी विभागों को अपनी प्रगति रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिसकी वे खुद विस्तृत समीक्षा करेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार समेत सभी विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।































