न्यूज स्कैन ब्यूरो,अररिया
अररिया जिला मुख्यालय में विभिन्न पूजा समिति की ओर से स्थापित शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन में सैकड़ों सालों से चली आ रही परम्परा का निर्वहन होता है।इस परम्परा के तहत मां भगवती की विदाई और विसर्जन शोभायात्रा में भक्त मां दुर्गा की प्रतिमा को अपने कंधे पर लेकर चलते हैं और नगर परिक्रमा के उपरांत मां दुर्गा की प्रतिमा को परमान नदी में त्रिशूलिया घाट पर जल प्रवाहित किया जाता है।शुक्रवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मां भगवती की प्रतिमा के विसर्जन को लेकर शोभायात्रा निकाली गई।चांदनी चौक पर सभी पूजा समिति द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा को लाकर फिर एक साथ मां की प्रतिमा का नगर भ्रमण कराया गया और फिर त्रिशूलिया घाट पर परमान नदी में प्रतिमा विसर्जित की गई।अररिया के अलावा सिकटी,नरपतगंज, जोगबनी आदि इलाकों में भी शुक्रवार को शोभायात्रा जुलूस निकालकर मां भगवती की प्रतिमा को विसर्जित की गई।
प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।विभिन्न चौक चौराहों पर पुलिस अधिकारियों के साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई।साथ ही विभिन्न चौक चौराहों पर भारी संख्या में विधि व्यवस्था संधारण को लेकर पुलिस बलों की तैनाती की गई।वहीं नगर परिषद की ओर से शहर में विशेष सफाई अभियान चलाकर नगर को साफ सुथरा और चूना,ब्लीचिंग पाउडर आदि का छिड़काव किया गया।प्रशासन की ओर से त्रिशूलिया घाट विसर्जन स्थल पर गोताखोर की विशेष व्यवस्था की गई।
चांदनी चौक पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह,नगर परिषद के मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा,उप मुख्य पार्षद गौतम साह सहित सद्भावना मंच के सदस्यों ने पूजा समिति की ओर से लाए गए प्रतिमा की आगवानी की और मां के भक्तों के बीच पानी,शरबत फल आदि का वितरण किया गया।मौके पर बड़ी संख्या में लोग सड़क के दोनों ओर और गुजरने वाले सड़क स्थित मकानों में भक्त खड़े होकर शोभायात्रा में शामिल भक्तों पर पुष्प वर्षा की।
मौके पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि अररिया में वर्षों से कंधे पर ले जाकर माता रानी की विदाई देने की परम्परा का निर्वहन किया जाता है।उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा सामाजिक समरसता के साथ असत्य पर सत्य के विजय का प्रतीक है।उन्होंने जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि माता रानी जिले के तमाम लोगों को सुख समृद्धि और खुशहाली प्रदान करे।
नंगे पांव भक्तों के कंधे पर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन की परम्परा का आज भी हो रहा अररिया में निर्वहन

































