पूर्णिया चैंबर ने PHED मंत्री संजय सिंह को सौंपा मांग-पत्र, शहर में शुद्ध पेयजल और ड्रेनेज सिस्टम की उठाई मांग

पूर्णिया चैंबर ऑफ कॉमर्स ने शहर की प्रमुख समस्याओं, विशेषकर शुद्ध पेयजल और जल निकासी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। चैंबर अध्यक्ष ने पूर्णिया प्रवास पर आए बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के मंत्री संजय सिंह से मुलाकात कर उन्हें एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा। इस मुलाकात में शहर के व्यावसायिक केंद्रों और औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि व्यापारियों और आम जनता को राहत मिल सके।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पूर्णिया
कोसी-सीमांचल के प्रमुख व्यापारिक केंद्र, पूर्णिया के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पूर्णिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने हाल ही में शहर के प्रवास पर आए बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के मंत्री श्री संजय सिंह से एक शिष्टाचार मुलाकात की और शहर से जुड़े जरूरी मुद्दों पर बात की।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र सहित जिले के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों और औद्योगिक क्षेत्रों में जन-सुविधाओं को बेहतर बनाना था। चैंबर अध्यक्ष ने एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपते हुए शहर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन पर मंत्री संजय सिंह ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

बैठक के प्रमुख सकारात्मक बिंदु और चैंबर के सुझाव:
पूर्णिया को एक स्मार्ट और सुविधा संपन्न शहर बनाने के लक्ष्य के साथ, चैंबर अध्यक्ष ने निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर मंत्री का ध्यान आकर्षित किया :-

  1. व्यावसायिक क्षेत्रों में ‘स्मार्ट पेयजल’ व्यवस्था:
    पूर्णिया के हृदय स्थल माने जाने वाले घनी आबादी वाले बाजारों जैसे भट्ठा बाजार, लाइन बाजार और गुलाबबाग में प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है। व्यापारियों, ग्राहकों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए, इन क्षेत्रों में हाई-कैपेसिटी वाटर एटीएम और आरओ (RO) सिस्टम के माध्यम से शुद्ध पेयजल की नियमित व्यवस्था स्थापित करने का उत्कृष्ट सुझाव दिया गया।
  2. ‘हर घर नल का जल’ योजना का विस्तार और सुदृढ़ीकरण:
    राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल का जल’ योजना को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। शहर और ग्रामीण इलाकों में पाइपलाइन के बचे हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया। साथ ही, शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित वाटर टेस्टिंग व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि हर नागरिक को स्वच्छ पानी मिल सके।
  3. औद्योगिक और मंडी क्षेत्रों का विकास:
    पूर्वोत्तर बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़, गुलाबबाग कृषि मंडी और औद्योगिक क्षेत्र (बियाडा) पर विशेष ध्यान देने की मांग की गई। यहाँ काम करने वाले हजारों श्रमिकों और व्यापारियों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति और एक आधुनिक ड्रेनेज तथा वेस्ट वाटर प्रबंधन प्रणाली (Waste Water Management) स्थापित करने का आग्रह किया गया, जिससे इन क्षेत्रों में काम का माहौल और बेहतर हो सके।
  4. आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क से जलजमाव से मुक्ति:
    मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक दूरदर्शी योजना का प्रस्ताव रखा गया। चैंबर ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर एक प्रभावी और स्थायी जल निकासी (Drainage) परियोजना तैयार करने का सुझाव दिया, ताकि व्यापारिक गतिविधियां निर्बाध रूप से चलती रहें और नागरिकों को कोई असुविधा न हो।

विकास की दिशा में एक साझा कदम:
चैंबर अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्णिया में इन बुनियादी नागरिक सुविधाओं के विस्तार से न केवल व्यापार और वाणिज्य को नई ऊंचाइयां मिलेंगी, बल्कि शहरवासियों के जीवन स्तर में भी गुणात्मक सुधार आएगा। यह पूर्णिया को एक आदर्श शहर बनाने की दिशा में एक आवश्यक कदम है।

सरकार का सकारात्मक दृष्टिकोण:
मुलाकात का सबसे उत्साहजनक पहलू PHED मंत्रीसंजय सिंह की सकारात्मक प्रतिक्रिया रही। उन्होंने चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा उठाए गए सभी रचनात्मक बिंदुओं को अत्यंत गंभीरता से सुना। पूर्णिया के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को इन सभी सुझावों और मांगों पर त्वरित और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश देने का स्पष्ट आश्वासन दिया है।