न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी ग्रामीण राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम एवं स्वरूप में किए गए बदलाव के विरोध में जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से स्टेशन चौक स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे एक दिवसीय उपवास एवं धरना का आयोजन किया गया।
धरना को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष परवेज जमाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों को काम से वंचित कर मशीनों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है और उद्योगपतियों की तिजोरियां भरी जा रही हैं।
परवेज जमाल ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका ग्रामीण’ किया जाना केवल दिखावा है। यह योजना धरातल पर लागू नहीं हो सकती, क्योंकि पहले जहां मनरेगा में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत थी, उसे घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है, वहीं राज्य सरकारों का अंश 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार जानबूझकर गैर-भाजपाई राज्यों पर आर्थिक बोझ डाल रही है, जो पहले से ही कर्ज के दबाव में हैं और जिन्हें जीएसटी का पूरा हिस्सा भी नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने कहा कि जब योजना का क्रियान्वयन नहीं होगा तो सारा दोष राज्य सरकारों पर मढ़ दिया जाएगा। यह केंद्र सरकार की सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना काल में मनरेगा ने लाखों गरीब मजदूरों को रोजगार देकर संकट के प्रभाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई थी। आज उसी मनरेगा को कमजोर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है, केवल इसलिए क्योंकि इस योजना की सफलता का श्रेय कांग्रेस को जाता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा के नए नाम और बदली हुई नीति के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा देशभर में उपवास और धरना आयोजित किया जा रहा है, जिसकी कड़ी में भागलपुर में भी यह एक दिवसीय उपवास रखा गया।
इस उपवास-धरना में कांग्रेस प्रभारी अरुण कुमार बिंद, कुमार आशुतोष राजेश, डॉ. जीपी साह, अनामिका शर्मा, प्रमोद मंडल, गिरिधर राय, मो. अख्तर हुसैन, मोइदुर्रहमान, इम्तियाज खान, अम्बर ईमाम, मनमोहन जोशी, सौरभ पारीख, नूरी खातून, हमजा खान, फहद अहमद, तौसीफ खान, बृजभूषण झा, निसार अंसारी, शाहनवाज हुसैन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मनरेगा के नाम व स्वरूप में बदलाव के विरोध में कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास-धरना, मोदी सरकार पर मजदूर विरोधी नीति अपनाने का आरोप

































