विक्रमशिला सेतु पर इंसानियत की जीत: दरोगा ने मां और मासूम को गंगा में कूदने से बचाया

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
विक्रमशिला सेतु पर मंगलवार को उस वक्त दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया, जब एक महिला अपने मासूम बच्चे को गोद में लेकर गंगा में कूदने जा रही थी। समय रहते पुलिस के एक अधिकारी की सतर्कता और संवेदनशीलता से दो ज़िंदगियाँ बच गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दरोगा सिकंदर कुमार घर की तरफ विक्रमशिला सेतु से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नज़र एक महिला पर पड़ी, जो अत्यधिक मानसिक तनाव में दिख रही थी और उसकी गोद में एक छोटा बच्चा भी था। कुछ ही पलों में महिला ने बच्चे सहित नदी में कूदने का प्रयास किया।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दरोगा सिकंदर कुमार ने बिना समय गंवाए दौड़ लगाई और कूदने के क्रम में ही महिला व उसके बच्चे को पकड़कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यदि कुछ सेकेंड की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद महिला और उसके बच्चे को सुरक्षित रूप से बरारी टीओपी ले जाया गया, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। दोनों पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

“ज़िंदगी से भागना समाधान नहीं”

जान बचाने के बाद दरोगा सिकंदर कुमार ने महिला को भावनात्मक रूप से समझाया और कहा कि जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, लेकिन आत्मघाती कदम किसी समस्या का समाधान नहीं होता। उन्होंने महिला को हिम्मत दी और भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी।

पुलिस की मानवीय छवि सामने आई

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस सिर्फ़ कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं निभाती, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर इंसानियत की मिसाल भी पेश करती है। दरोगा सिकंदर कुमार की सतर्कता और मानवीय संवेदना से आज एक माँ और उसका मासूम सुरक्षित हैं। स्थानीय लोगों ने भी दरोगा के इस साहसिक और संवेदनशील कार्य की सराहना की है।