कैमूर में वन विभाग की जमीन से अवैध दखिल-खारिज मामले में जांच रिपोर्ट में सामने आई अनियमितताएं, अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
कैमूर जिले में वन विभाग, बिहार सरकार की जमीन से संबंधित अवैध दखिल-खारिज मामले की जांच में कई अनियमितताएँ सामने आई हैं। जिला पदाधिकारी (डीएम) नितिन कुमार सिंह के निदेश पर अपर समाहर्ता, कैमूर एवं अवर निबंधक, कैमूर (भभुआ) द्वारा संयुक्त रूप से कराई गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि वास्तव में वन विभाग की है, लेकिन गलत मंशा के तहत अभिलेख में हेरफेर कर इसे निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर जमाबंदी कर दी गई थी।
जांच में यह भी पाया गया कि दखिल-खारिज की प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों का समुचित पालन नहीं किया। जमा बंदी रद्दीकरण के लिए अपर समाहर्ता के न्यायालय में वाद दायर कर दिया गया है और इस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डीएम नितिन कुमार सिंह ने बताया कि जांच में पाए गए तथ्यों के आधार पर दखिल-खारिज की प्रविष्टियाँ त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। जिला प्रशासन ने इस मामले में स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।