पंजीकरण प्रमाणपत्र दस्तावेज अपलोड में भारी अनियमितता पर जिला परिवहन पदाधिकारी सख्त, सात दिन में पेंडेंसी शून्य करने का निर्देश

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार सज्जन ने जिले के सभी अधिकृत वाहन विक्रेताओं द्वारा RC (पंजीकरण प्रमाण-पत्र) से संबंधित दस्तावेजों के अपलोड में गंभीर लापरवाही एवं अत्यधिक विलंब पर कड़ा रुख अपनाया है। कार्यालय द्वारा की गई समीक्षा में यह पाया गया कि बड़ी संख्या में डीलरों द्वारा वाहन विक्रय के बावजूद बीमा प्रमाण-पत्र, बिक्री प्रमाण-पत्र, चालान, पता प्रमाण, फॉर्म-20, फॉर्म-21 आदि अनिवार्य दस्तावेज वाहन पोर्टल पर समय पर अपलोड नहीं किए गए हैं, जिसके कारण सैकड़ों वाहन स्वामियों का आर सी निर्गमन लंबित है।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि यह स्थिति न केवल आम नागरिकों के वैधानिक अधिकारों का हनन है, बल्कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 का सीधा उल्लंघन भी है। बिना वैध पंजीकरण वाहन का संचालन अवैध है तथा इससे बीमा, दुर्घटना दावा, ऋण एवं अन्य कानूनी कार्यों में वाहन स्वामियों को गंभीर परेशानी हो रही है।उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 39 एवं 41 के तहत प्रत्येक वाहन का विधिवत पंजीकरण अनिवार्य है तथा धारा 192 के अंतर्गत अपंजीकृत वाहन के संचालन पर दंड का प्रावधान है। वहीं केंद्रीय मोटरयान नियमावली के नियम 47 एवं 48 के अनुसार वाहन विक्रय के बाद निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण हेतु सभी दस्तावेज अपलोड करना डीलर की कानूनी जिम्मेदारी है।
इस संबंध में जिले के सभी वाहन विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने डीलर लॉग-इन आईडी में लंबित सभी आर सी संबंधित दस्तावेज इस आदेश की तिथि से सात दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से अपलोड कर आर सी पेंडेंसी शून्य करें। निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन नहीं होने की स्थिति में बिना किसी अतिरिक्त सूचना के संबंधित डीलर का लॉग-इन आईडी निलंबित अथवा ब्लॉक कर दिया जाएगा तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192, 177 सहित अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही डीलरशिप के निलंबन अथवा रद्दीकरण हेतु राज्य परिवहन आयुक्त, बिहार को अनुशंसा भी भेजी जाएगी।
डीटीओ ने आम वाहन स्वामियों से भी अपील की है कि वाहन खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि उनके वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज डीलर द्वारा समय पर पोर्टल पर अपलोड किए गए हों और आर सी निर्गमन में अनावश्यक विलंब की स्थिति में जिला परिवहन कार्यालय को तुरंत सूचित करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम जनहित, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है ताकि जिले में कोई भी वाहन बिना विधिवत पंजीकरण के संचालित न हो।