फसल क्षति आकलन को समीक्षा बैठक: डीएम ने धीमी प्रगति पर अधिकारियों की खिंचाई की, दो का वेतन स्थगित

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में फसल क्षति आकलन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बताया गया कि बाढ़ प्रभावित 8 प्रखंडों से किसानों ने फसल क्षति मुआवजे हेतु अब तक 49,000 आवेदन दिए हैं। इनमें से 12,000 आवेदन का सत्यापन पूरा किया जा चुका है।

सत्यापन कार्य में तेजी का निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारी के साथ बैठक कर 3 सितंबर की देर रात तक राजस्व विभाग की साइट से डेटा का सत्यापन करने का निर्देश दिया। साथ ही 5 सितंबर तक कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार के माध्यम से क्षेत्र भ्रमण कर शेष आवेदनों का सत्यापन पूरा करने को कहा।

साइबर कैफे पर सख्ती का आदेश

डीएम ने यह भी कहा कि शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ विशेष साइबर कैफे से आवेदन करने पर ही किसानों के आवेदन स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों को ऐसे साइबर कैफे पर छापामारी करने का निर्देश दिया।

धीमी प्रगति पर कार्रवाई

समीक्षा के दौरान पाया गया कि गोराडीह, पीरपैंती, सुल्तानगंज, कहलगांव और सबौर प्रखंडों में अधिक आवेदन लंबित हैं। धीमी प्रगति पर नाराज़गी जताते हुए डीएम ने सदर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा और उनका वेतन स्थगित कर दिया। इसी तरह सुल्तानगंज प्रखंड कृषि पदाधिकारी का भी वेतन रोका गया।

डीएम ने सभी कृषि समन्वयक और किसान सलाहकारों को निर्देश दिया कि वे आज ही प्रखंड मुख्यालय स्थित कृषि भवन में बैठकर राजस्व विभाग की साइट से डेटा का मिलान कर सत्यापन कार्य पूरा करें।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता (राजस्व) दिनेश राम, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) विकास कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं अनुमंडल पदाधिकारी नवगछिया ऋतुराज प्रताप सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी कहलगांव अशोक कुमार मंडल, सभी बीडीओ और प्रखंड कृषि पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।