न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
सावन की तीसरी सोमवारी पर जिले में भक्ति और आस्था का ऐसा नजारा पेश किया जो वर्षों तक श्रद्धालुओं के लिए यादगार बना रहेगा। सुबह की पहली रौशनी के साथ ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं और हर दिशा से गूंजने लगे बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे।
सदर प्रखंड के सुखपर स्थित तिल्हेश्वर महादेव मंदिर बरुआरी कपिलेश्वर महादेव , भीमशंकर महादेव धरहरा, राघोपुर स्टेशन चौक, चकला निर्मली शिव मंदिर ,और रेलवे माल गोदाम ,प्रखंड कार्यालय स्थित शिवालय में हजारों श्रद्धालु सुबह से ही उमड़ पड़े। भक्तों ने गंगाजल, दूध, दही, बेलपत्र, भांग, धतूरा आदि से भगवान शिव का अभिषेक किया। महिलाएं सजी-धजी नजर आईं तो बच्चे और बुजुर्ग भी उत्साह से पीछे नहीं रहे।
आस्था का ऐसा दृश्य कम ही देखने को मिलता है।
हर कोई अपने मनोकामना के साथ भोलेनाथ की शरण में आया। कई श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर पूजा अर्चना की, तो कुछ ने महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर रुद्राभिषेक किया। जगह-जगह भजन-कीर्तन और शिव महिमा के गायन से वातावरण भक्तिमय बन गया।

प्रशासन और सेवा समितियों की रही चाक-चौबंद व्यवस्था
भक्तों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए स्थानीय प्रशासन और पूजा समितियां दिनभर सक्रिय रहीं। पेयजल, रोशनी, प्राथमिक चिकित्सा, साफ-सफाई के साथ-साथ महिलाओं और वृद्धों के लिए अलग कतारें तथा आराम स्थल की भी बेहतरीन व्यवस्था की गई। जगह-जगह शिविर लगाकर सेवाभावियों ने जलपान और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई।
सावन ने सराबोर किया जन-जन को
सावन की इस पावन सोमवारी ने गांव से लेकर शहर तक हर कोना शिवमय कर दिया। मंदिरों में बजते शंख, घंटियों की ध्वनि और श्रद्धालुओं के स्वर से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात कैलाश धरती पर उतर आया हो। यह सोमवारी सिर्फ एक दिन नहीं, आस्था, अनुशासन और समर्पण की जीवंत तस्वीर बनकर उभरी। शिवभक्ति में डूबा सुपौल, श्रद्धालुओं के जयघोषों से झूम उठा।

































