बिहार के आम नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। अब आधार कार्ड बनवाने या उसमें किसी भी प्रकार का सुधार (नाम, पता, जन्मतिथि या बायोमेट्रिक अपडेट) कराने के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने राज्य के 30 जिलों में अपने आधिकारिक आधार सेवा केंद्र (ASK) खोलने की तैयारी पूरी कर ली है।
न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरु हो गई है। डेढ़ से चार महीने में तस्वीर बदल जाएगी। UIDAI की योजना के अनुसार, इन केंद्रों को दो चरणों में शुरू किया जाएगा।
पहला चरण (डेढ़ माह के भीतर): बक्सर, सुपौल, सीतामढ़ी, कैमूर, सहरसा, मधेपुरा और गया में केंद्र शुरू हो जाएंगे।
दूसरा चरण (3-4 माह के भीतर): दरभंगा, मधुबनी, गोपालगंज, सिवान, छपरा, अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भोजपुर, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, मुंगेर, नालंदा, नवादा, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, पश्चिम चंपारण, वैशाली और पूर्वी चंपारण में सेवाएं बहाल होंगी।
हाई-टेक सुविधाओं से लैस होंगे केंद्र
इन नए केंद्रों की कार्यप्रणाली को बेहद सुव्यवस्थित बनाया गया है। हर केंद्र पर 4 से 8 काउंटर होंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग के साथ-साथ ऑफलाइन टोकन की व्यवस्था भी दी जाएगी, ताकि लोगों को घंटों कतार में न खड़ा होना पड़े।
क्यों खास है यह फैसला?
अक्सर निजी केंद्रों पर अधिक वसूली की शिकायतें मिलती हैं। सरकारी नोडल केंद्रों पर UIDAI द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जाएगा, जिससे अवैध वसूली पर लगाम लगेगी।
वर्तमान में जटिल सुधारों के लिए लोगों को पटना या भागलपुर जैसे बड़े केंद्रों पर जाना पड़ता है। अब जिला मुख्यालय में यह सुविधा मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी।
इन केंद्रों को ‘प्रोटीन’ और ‘बीएलएस’ जैसी एजेंसियां संचालित करेंगी। ऑपरेटरों का चयन परीक्षा के आधार पर होगा, जिससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में रोजगार मिलेगा।
आधार सेवा केंद्र, पटना के प्रबंधक प्रकाश कुमार के मुताबिक, “बिहार के 30 अन्य जिलों में आधार सेवा केंद्र खोलने के लिए जगह का चयन किया जा रहा है। छह जिलों में प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
































