बैनर, झंडा और तोरणद्वार से सजा सरस्वती मैदान; कार्यकर्ताओं की भीड़ बनाएगी माहौल
न्यूज स्कैन ब्यूरो। खगड़िया/अलौली
अलौली विधानसभा क्षेत्र का सुम्भा गाजीघाट आज 7 सितंबर , रविवार को एनडीए की एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन का ऐतिहासिक गवाह बनने जा रहा है। सरस्वती मैदान पर होने वाले विधानसभा स्तरीय एनडीए कार्यकर्त्ता सम्मेलन की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। मैदान बैनरों, झंडों और तोरणद्वारों से सजकर राजनीतिक महापर्व की शक्ल अख़्तियार कर चुका है।जदयू जिलाध्यक्ष बबलू कुमार मंडल ने स्थल निरीक्षण के बाद कहा कि यह सम्मेलन आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए कार्यकर्ताओं के लिए “हैट्रिक का मंत्र” साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि हर बूथ से अधिकतम संख्या में कार्यकर्ता भागीदारी करेंगे और सम्मेलन ऐतिहासिक सफलता दर्ज करेगा।इस सम्मेलन में राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर के कई शीर्ष नेताओं की उपस्थिति होने जा रही है।

इनमें मंत्री रत्नेश सदा, सांसद लवली आनंद, मंत्री जीवेश मिश्रा, सांसद जनार्दन सिग्रीवाल, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सह पूर्व आईएएस मनीष वर्मा, पूर्व सांसद कहकशां परवीन, लोजपा (रामविलास) के प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामदेव पासवान, रालोमो महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष स्मृति कुमुद और हम (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक डॉ. अनिल कुमार प्रमुख नाम हैं।तैयारी के दौरान जदयू के वरिष्ठ पदाधिकारियों में विधानसभा प्रभारी नंदलाल राय, जदयू जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री, जिला उपाध्यक्ष सह महिला प्रभारी निर्मला कुमारी, लोहा सिंह, दिलीप सिंह, जिला महासचिव राजीव रंजन,सदर प्रखंड अध्यक्ष रामप्रकाश सिंह, अलौली प्रखंड अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह, मानसी प्रखंड अध्यक्ष राजनीति प्रसाद सिंह,तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव कमल कुमार पटेल, युवा जदयू प्रदेश महासचिव नीतीश सिंह पटेल, मीडिया सेल के जिला अध्यक्ष जयजयराम कुमार, पंचायत अध्यक्ष मुन्ना कुमार, गुड्डू यादव समेत कई नेता मौजूद रहे। वहीं लोजपा रामविलास के नेताओं में जिला अध्यक्ष मनीष कुमार, जिला महासचिव शम्मी पासवान, जितेंद्र पासवान, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष श्वेता शबनम, अलौली प्रखंड अध्यक्ष रामचंद्र यादव और अंश किशोर भी सक्रिय दिखे।जदयू जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल कार्यकर्ताओं की शक्ति का परिचय देगा, बल्कि बिहार की राजनीति में एनडीए की एकजुटता और भविष्य की दिशा भी तय करेगा। उनके अनुसार, सुम्भा गाजीघाट का यह दिन एनडीए के स्वर्णिम इतिहास का एक अविस्मरणीय अध्याय बनेगा।

































