न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार की सड़कों को लेकर राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी ‘स्मार्ट’ नीति को धरातल पर उतारने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में 21,151 करोड़ रुपये के विशाल बजट वाली सड़क रखरखाव नीति को हरी झंडी दे दी गई है। इस योजना के तहत राज्य की सड़कों को अगले 7 साल तक पूरी तरह चकाचक रखने का जिम्मा उठाया गया है।
सड़क पर मिला गड्ढा तो जनता को ईनाम
इस सरकारी नीति में सबसे दिलचस्प पहलू मंत्री दिलीप जायसवाल का वह हालिया ऐलान है, जिसने जनता को ‘विजिलेंस ऑफिसर’ बना दिया है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि राज्य की किसी भी मुख्य सड़क पर गड्ढे मिलते हैं और आम नागरिक उसकी फोटो विभाग को भेजता है, तो उसे सरकार की ओर से नकद इनाम दिया जाएगा। इस पहल का सीधा संदेश ठेकेदारों और अधिकारियों को है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) रखेगी सड़कों पर नजर
पुरानी व्यवस्था की कमियों को दूर करने के लिए इस बार तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:
स्मार्ट मॉनिटरिंग: सड़कों की निगरानी अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि AI और मशीन लर्निंग के जरिए होगी।
कंट्रोल रूम: पटना में एक हाईटेक ‘कमांड सेंटर’ बनेगा, जहां सड़कों की रियल-टाइम स्थिति देखी जा सकेगी।
निरीक्षण वाहन: खास तौर पर डिजाइन किए गए वाहन सड़कों पर गश्त करेंगे और खराब हिस्सों की फोटो खींचकर सीधे हेडक्वार्टर को रिपोर्ट करेंगे।
ठेकेदारों के लिए ‘नो एक्सक्यूज’ पॉलिसी
नई नीति के तहत मरम्मत की प्रक्रिया को बेहद कड़ा बनाया गया है:
त्वरित कार्रवाई: कंपनियों को अब सड़कों के गड्ढे भरने के लिए किसी विशेष फंड या कागजी मंजूरी का इंतजार नहीं करना होगा। उन्हें तत्काल मरम्मत शुरू करनी होगी।
दायरा: इस नीति के अंतर्गत 1.20 लाख किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों का नेटवर्क आएगा।
पुल-पुलिया भी शामिल: सड़कों के साथ-साथ छोटे पुलों (6 मीटर तक) और बड़े पुलों की कनेक्टिंग सड़कों का रखरखाव भी इसी बजट से होगा।
100 पैकेजों में बंटा काम
पूरी योजना को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने इसे 100 अलग-अलग पैकेजों में विभाजित किया है। नए वित्तीय वर्ष से मंडलवार टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह नीतीश सरकार की तीसरी और सबसे आधुनिक रखरखाव नीति है, जिसका उद्देश्य बिहार के हर जिले में निर्बाध और सुरक्षित सफर सुनिश्चित करना है।

































