अंग प्रदेश को शिखर पर ले जाने का संकल्प: 12 जिलों के प्रतिनिधियों ने ‘अंग शिखर सम्मेलन 2026’ में तैयार की भविष्य की राह

अंग शिखर सम्मेलन 2026: टाउन हॉल में 12 जिलों के एक हजार से अधिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में अंग प्रदेश के विकास और गौरव को शिखर पर ले जाने का ऐतिहासिक संकल्प लिया गया। बिना किसी मुख्य अतिथि के आयोजित इस अनूठे मंच पर 13 क्षेत्रों के शीर्ष विशेषज्ञों ने इसके भूत, वर्तमान और सुनहरे भविष्य की ठोस रणनीति पर गहन मंथन किया। इस भव्य आयोजन के दूसरे सत्र में क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली 100 उत्कृष्ट विभूतियों को ‘अंग गौरव सम्मान’ सौंपकर भविष्य के नेतृत्व की बड़ी जिम्मेदारी दी गई।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, भागलपुर
अंग प्रदेश के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने और इसके भविष्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से रविवार को टाउन हॉल में एक भव्य ‘अंग शिखर सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया गया। अंग मुक्ति दल द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक सम्मेलन में बिहार और झारखंड के 12 जिलों (भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, गोड्डा, देवघर, दुमका, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, पूर्णिया और कटिहार) से आए लगभग एक हजार अंगवासियों ने हिस्सा लिया। बिना किसी मुख्य अतिथि या पारंपरिक उद्घाटनकर्ता के, आम जन को समर्पित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के 13 प्रकांड विद्वानों ने अंग प्रदेश के भूत, वर्तमान और भविष्य पर गहन मंथन किया।

विभिन्न क्षेत्रों के 13 विशेषज्ञों का संबोधन
सम्मेलन में विरासत, इतिहास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कला, कृषि, खेल, पर्यटन, पर्यावरण, समाज-राजनीति, साहित्य, उद्योग और सहकारिता जैसे 13 महत्वपूर्ण क्षेत्रों के शीर्ष नेतृत्वकर्ताओं ने अपने विचार रखे। इनमें डॉ. रविशंकर चौधरी, विधु शेखर पांडे, डॉ. इम्तियाजुर रहमान, शिवशंकर सिंह पारिजात और सैयद शाह फखरे आलम हसन समेत कई गणमान्य लोग शामिल थे।

अंग गौरव सम्मान से 100 विभूतियाँ सम्मानित
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में अंग प्रदेश का नाम रोशन करने वाले और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 100 दिग्गजों को ‘अंग गौरव सम्मान’ से नवाजा गया।

नेतृत्व और जिम्मेदारी की नई सोच
कार्यक्रम के अध्यक्ष ए. के. प्रियदर्शी ने कहा कि ये 13 वक्ता सिर्फ भाषण देने वाले नहीं, बल्कि अंग के शीर्ष नेतृत्वकर्ता हैं। वहीं, सम्मानित होने वाले 100 लोग सेनापति के रूप में अंग प्रदेश को शिखर पर ले जाने का दायित्व संभालेंगे।

भविष्य की रणनीति
अंग मुक्ति दल के महासचिव अमित विक्रम ने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है। अभी लोगों में विश्वास जगाया जा रहा है, और आगे भी लगातार ऐसे कार्यक्रमों के जरिए अंग प्रदेश के विकास को नई गति दी जाएगी।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
मंच का सफल संचालन प्रोफेसर देबज्योति मुखर्जी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रखर समाजवादी लखनलाल पाठक, डॉक्टर अमरेंद्र, सुधीर प्रोग्रामर, सितांशु अरुण, प्राण मोहन प्रीतम, आदित्य नारायण झा, मंजर आलम, अबू नासिर, आनंद श्रीवास्तव, ज़ीशान, प्रीतम कुमार और अनिल झा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।