न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
इस समय बिहार की राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। मुख्यमंत्री के साथ 25 मंत्रियों ने भी अपना त्यागपत्र दिया है। वहीं मंगलवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक में निवर्तमान उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया है। यानि बिहार के अगले सीएम सम्राट चौधरी होंगे। मंगलवार को बीजेपी कार्यालय में बैठक के दौरान बीजेपी केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देश पर विधायक दल का नेता चुनने की बैठक हुई है। जिसमें केन्द्रीय मोदी सरकार के मंत्री सह मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चुनाव ऑवजर्वर नियुक्त कर पटना भेजा गया था। जहां बैठक के दौरान सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। इस दौरान बिहार बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने उनका समर्थन किया। हालांकि बीजेपी सांसद अथवा मंत्री, नित्यानंद राय एवं रविशंकर प्रसाद ने बैठक में मौजूदगी के बाद भी मीड़िया से दूरी बनाया रखा।
नीतीश कुमार ने दिया त्यागपत्र
मंगलवार को जैसे ही बिहार की सियासी सरगर्मी चढ़ी तभी दोपहर 3.15 बजे बिहार के सीएम नीतीश ने अपना त्यागपत्र राज्यभवन पहुंच राज्यपाल को दे दिया। उनके त्यागपत्र के साथ बिहार के 25 मंत्रियों का भी नाम था। यानि पूरी तरह बिहार में सरकार को भंग कर दिया गया। इस संबंध में बिहार मंत्रिमंडल सचिवालय ने अपना नोटिफिकेश भी सार्वजनिक किया है।
बिहार के इन मंत्रियों ने भी दिया त्यागपत्र
बिहार के मंत्रिमंडल सचिवालय ने जो सूचना जारी की है उसके उनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा बिहार के 25 मंत्रियों का त्यागपत्र बिहार के राज्यपाल को सौंपा गया है। जिसमें आगामी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावे विजय कुमार सिन्हा , विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी एवं रामकृपाल यादव सहित कुल 25 मंत्री शामिल हैं।
लॉ एंड ऑर्डर सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि बिहार में लालू शासन समाप्त होने के बाद नीतीश कुमार ने बिहार की कमान संभाली थी। वे 10 बार मुख्यमंत्री की शपथ ले चुके हैं। जिस समय बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ था उस समय नीतीश के सामने बिहार के लॉ इन ऑर्डर को बहाल करना जरुरी था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीएम रहते हुए इन मुश्किलों को वर्तमान में काफी हद तक समाप्त कर दिया। अब 15 अप्रैल से बिहार में बीजेपी का शासन होगा। मुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले सम्राट के सामने इसी लॉ इन ऑर्डर को तबज्जों को बहाल रखने का टास्क है। जैसा की 14 अप्रैल 2026 को बीजेपी विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी ने कहा है उसके अनुसार उम्मीद यही कही जा सकती है कि बिहार में बीजेपी पहली बार शासन करते ही कई अहम फैसले ले सकती है।
































