न्यूज स्कैन ब्यूरो, पूर्णिया/नई दिल्ली
बिहार के कृषि उत्पादों ने वैश्विक बाजार में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पूर्णिया से जीआई (GI) टैग प्राप्त ‘मिथिला मखाना’ की पहली खेप समुद्री मार्ग के जरिए दुबई के लिए रवाना कर दी गई है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे बिहार के किसानों की मेहनत और केंद्र सरकार के विजन की जीत बताया है।
किसानों की आय में वृद्धि और वैश्विक पहचान
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह निर्यात न केवल मखाने को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने और FPOs (कृषि उत्पादक संगठनों) को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।

APEDA की भूमिका और भविष्य की राह
इस निर्यात प्रक्रिया को Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (APEDA) के सहयोग से सफल बनाया गया है। अब तक मखाना मुख्य रूप से हवाई मार्ग से भेजा जाता था, जो काफी महंगा पड़ता था। समुद्री मार्ग से निर्यात शुरू होने से लागत में कमी आएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार का मखाना अन्य देशों के उत्पादों को कड़ी टक्कर दे सकेगा।
ऐतिहासिक निर्यात: पूर्णिया से दुबई के लिए पहली समुद्री खेप रवाना।
जीआई टैग की ताकत: ‘मिथिला मखाना’ के जीआई टैग ने इसकी ब्रांड वैल्यू को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया है।
किसानों को लाभ: बिचौलियों की भूमिका कम होगी और सीधा निर्यात होने से किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे।
बिहार की प्रगति: कृषि क्षेत्र में बिहार अब ‘एक्सपोर्ट हब’ बनने की ओर अग्रसर है।

































