करजाइन थाना कांड 132/24 में एडीजे छह सह विशेष पोक्सो न्यायालय का बड़ा फैसला
न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
जिला के करजाइन थाना कांड संख्या 132/24 एवं पोक्सो वाद संख्या 105/24 में वीडियो बनाकर वायरल करने के गंभीर मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश पोक्सो, संतोष कुमार दुबे की अदालत ने आरोपी गणेश मेहता को दोषी पाते हुए विभिन्न धाराओं में कड़ी सजा सुनाई है।
गुरुवार 22 जनवरी 2026 को न्यायालय ने आरोपी गणेश मेहता थाना– करजाइन, जिला– सुपौल को भारतीय न्याय संहिता, पोक्सो एक्ट, बाल विवाह निषेध अधिनियम एवं एससी / एसटी एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।
न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) के तहत 1 माह का साधारण कारावास व ₹5000 जुर्माना, धारा 127(2) में 1 वर्ष का कठोर कारावास व ₹5000 जुर्माना, धारा 115(2) में 1 वर्ष का कठोर कारावास व ₹5000 जुर्माना, धारा 74 में 5 वर्ष का कठोर कारावास व ₹20,000 जुर्माना, धारा 75 में 1 वर्ष का कठोर कारावास व ₹10,000 जुर्माना, धारा 76 में 7 वर्ष का कठोर कारावास व ₹25,000 जुर्माना, धारा 333 में 5 वर्ष का कठोर कारावास व ₹25,000 जुर्माना, धारा 351(2) में 1 वर्ष का कठोर कारावास व ₹5000 जुर्माना तथा धारा 352 में 2 वर्ष का कठोर कारावास व ₹5000 जुर्माना की सजा सुनाई।
इसके अतिरिक्त पोक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास व ₹25,000 जुर्माना, धारा 10 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास व ₹25,000 जुर्माना तथा धारा 12 के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास व ₹10,000 जुर्माना लगाया गया। वहीं बाल विवाह निषेध अधिनियम की धारा 10 के अंतर्गत 2 वर्ष का कठोर कारावास व ₹50,000 जुर्माना तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r)(s)(w) के तहत प्रत्येक में 3-3 वर्ष का कठोर कारावास व ₹20,000-₹20,000 का जुर्माना भी लगाया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मामले में कुल 10 अभियुक्त थे, जिनमें से 8 आरोपियों को 15 जनवरी 2026 को ही दोषी करार दिया जा चुका था।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीलम कुमारी तथा बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रवीण कुमार मेहता ने अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। इस मामले में कुल 13 गवाहों ने न्यायालय में गवाही दी।
































