खनन माफिया पर बिहार सरकार का ‘महा-प्रहार’: अब जब्त वाहन होंगे नीलाम, सूचना देने वालों को मिलेगा नकद इनाम

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार में अवैध बालू और पत्थर खनन के खिलाफ राज्य सरकार ने अपनी कार्रवाई को अब और भी आक्रामक बना दिया है। उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में विभाग ने फैसला किया है कि अवैध खनन में पकड़े गए सैकड़ों वाहनों और उपकरणों को अब नीलाम (Auction) किया जाएगा। यह कदम खनन माफियाओं की कमर तोड़ने और उनके आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मालिकों को आखिरी मौका, फिर होगी नीलामी
विभागीय जानकारी के अनुसार, वर्तमान में राज्य के विभिन्न थानों और जब्ती स्थलों पर सैकड़ों वाहन धूल फांक रहे हैं। नीलामी प्रक्रिया शुरू करने से पहले वाहन मालिकों को एक अंतिम अवसर दिया जाएगा। यदि मालिक निर्धारित दंड राशि (Fine) समय पर भर देते हैं, तो उन्हें अपना वाहन वापस मिल सकेगा, अन्यथा उन वाहनों की सरकारी नीलामी कर दी जाएगी।

दिसंबर 2025: कार्रवाई का ‘सुपर मंथ’
बीता दिसंबर महीना अवैध खनन करने वालों के लिए काल साबित हुआ। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार :-
कुल छापेमारी: प्रदेश भर में 4,582 जगहों पर छापेमारी की गई।
सर्वाधिक छापेमारी: औरंगाबाद जिले में सबसे ज्यादा 331 छापेमारी हुई।
जब्ती और गिरफ्तारी: 574 वाहन जब्त किए गए और 248 FIR दर्ज की गईं। पटना जिले में सर्वाधिक 15 गिरफ्तारियां हुईं।
राजस्व की रिकॉर्ड वसूली: इन कार्रवाइयों के चलते विभाग ने अपने वार्षिक राजस्व लक्ष्य का 102% हासिल कर लिया है।

बनें ‘बिहारी योद्धा’: सूचना दें और इनाम पाएं
सरकार ने अब जनता को भी इस जंग में शामिल करने के लिए ‘बिहारी योद्धा’ अभियान शुरू किया है। यदि आप अवैध खनन या ओवरलोडिंग की गुप्त सूचना देते हैं, तो आपको नकद इनाम मिलेगा:
ट्रक/बड़े वाहन पकड़वाने पर: ₹10,000 का नकद पुरस्कार।
ट्रैक्टर पकड़वाने पर: ₹5,000 का नकद पुरस्कार।
सूचना देने वालों को ‘बिहारी योद्धा’ प्रमाणपत्र से भी नवाजा जा सकता है।

हेल्पलाइन नंबर: आम जनता अवैध खनन की जानकारी इन नंबरों पर दे सकती है: 0612-2215360, 9472238821, 9473191437, 9031035247。

लापरवाह थानेदारों पर गिरेगी गाज
विजय सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिस थाना क्षेत्र में लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिलेंगी, वहां के थानाध्यक्ष (SHO) की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच होगी। प्रशासनिक मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।