सत्ता के दबाव में लड़खड़ा रहा मीडिया, मैनेजर बन गए हैं संपादक: किशन कालजयी

  • राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर प्रेस क्लब भागलपुर में आयोजित कार्यक्रम में मीडिया की बदलती चुनौतियों पर हुई गंभीर चर्चा
  • लोकतंत्र का चौथा स्तंभ खतरे में: प्रेस दिवस पर भागलपुर में उठी आवाज

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर रविवार को प्रेस क्लब भागलपुर की ओर से स्काउट गाइड भवन के सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार किशन कालजयी, वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष मदन कुमार और सचिव नवनीत मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

अध्यक्ष मदन कुमार ने स्वागत संबोधन में मौजूदा समय की पत्रकारिता पर बढ़ती चुनौतियों, संभावनाओं और समाज में इसकी गंभीर भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में पत्रकारों को अपने दायित्व को और अधिक संवेदनशीलता और सजगता के साथ निभाने की जरूरत है।

वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह ने तकनीकी युग में पत्रकारिता के स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि आज पत्रकार के सामने केवल सूचना जुटाने की ही नहीं, बल्कि उससे आगे जाकर विश्लेषण करने और सत्य को सामने लाने की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने डिजिटल माध्यमों में कार्यरत पत्रकारों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से उत्पन्न खतरों के प्रति आगाह किया। संजय सिंह ने स्पष्ट कहा कि “अब केवल आंचलिक पत्रकारिता ही अपनी साख के साथ बची हुई है।”

मुख्य अतिथि व साहित्यकार किशन कालजयी ने मीडिया की वर्तमान स्थिति पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाला मीडिया आज गंभीर गिरावट के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, “नैतिकता और निष्ठा दांव पर हैं। बड़े मीडिया घराने सत्ता से नजदीकी बढ़ाने में अधिक रुचि ले रहे हैं ताकि उनका व्यवसाय चलता रहे। स्थिति यह है कि अब अखबार से सरकार नहीं, बल्कि सरकार से अखबार का मालिक डरने लगा है।”

किशन कालजयी ने आगे कहा कि प्रभाष जोशी के बाद हिंदी मीडिया में संपादक जैसे व्यक्तित्व का अभाव दिखता है—“सब मैनेजर बन गए हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर सच्ची पत्रकारिता करनी है तो पत्रकारों को सत्ता की आंखों में आंखें डालकर सवाल पूछने होंगे।

कार्यक्रम का संचालन मिलिंद गु़ंजन ने किया। मौके पर त्रिपुरारि, मनोज गुप्ता, अशुतोष, विद्यासागर, परिमल सिंह, जितेंद्र, दीपक राव, अभिषेक प्रकाश, कांतेश, नीरज, अमित राज, आशीष रंजन, संजय, आरफिन जुबेर सहित कई पत्रकार उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया और पत्रकारिता की गरिमा एवं स्वतंत्रता को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।