दुलारचंद यादव हत्याकांड: पोते ने कहा- “पहले मेरे पिता को मारा गया, अब दादा को, अगला नंबर मेरा है”

  • कुछ दिन पहले दुलारचंद ने सार्वजनिक मंच से कहा था —“अगर अनंत ‘छोटे सरकार’ हैं, तो पीयूष ‘बड़े सरकार’ हैं”

मदन, भागलपुर
पटना ज़िले के मोकामा क्षेत्र में आरजेडी नेता दुलारचंद यादव (76) की हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। शुक्रवार देर रात उनका अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा में किया गया, उनकी हत्या के लगभग 29 घंटे बाद।
अंतिम यात्रा के दौरान मोकामा-बरह मार्ग के पंडारक इलाके में अचानक पथराव शुरू हो गया। देखते ही देखते माहौल हिंसक हो उठा। इस दौरान आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी की गाड़ी पर हमला हुआ और वाहन को क्षति पहुंचाई गई।
फ्यूनरल के दौरान झड़प और फायरिंग
दुलारचंद यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए। दोनों गुटों के बीच ‘ज़िंदाबाद-मुर्दाबाद’ के नारे लगे और पथराव शुरू हो गया। इसी दौरान फायरिंग की भी खबर सामने आई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रतिद्वंद्वी गुट की ओर से काफिले पर गोलियां चलाई गईं। एक वीडियो में दोनों पक्षों के समर्थकों को गोलियां चलाते देखा गया। तीन से चार लोग घायल बताए जा रहे हैं।

जन सुराज प्रत्याशी के काफिले पर भी हमला
हमले के समय जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पियूष प्रियदर्शी का काफिला भी वहीं मौजूद था। पथराव और गोलीबारी में उनकी गाड़ी की खिड़कियां टूट गईं और कई समर्थक भागकर जान बचाने में सफल रहे।
प्रियदर्शी के दल ने बताया कि दुलारचंद यादव औपचारिक रूप से जन सुराज के सदस्य नहीं थे, लेकिन वे पार्टी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।
हत्या के पीछे पुरानी राजनीतिक दुश्मनी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दुलारचंद यादव की बढ़ती लोकप्रियता और पियूष प्रियदर्शी के लिए बढ़ते समर्थन ने अनंत सिंह खेमे को असहज कर दिया था।
पारंपरिक रूप से यादव मतदाता अनंत सिंह के साथ माने जाते थे, लेकिन हाल के महीनों में उनका रुझान प्रियदर्शी की ओर झुक रहा था।

दुलारचंद ने सार्वजनिक मंचों से कई बार अनंत सिंह को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था —“अगर अनंत ‘छोटे सरकार’ हैं, तो पीयूष ‘बड़े सरकार’ हैं।”
टीवी इंटरव्यू ने बढ़ाया तनाव
हत्या से दो दिन पहले दुलारचंद यादव ने एक टीवी इंटरव्यू में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी के बारे में विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था —“वो नीलम देवी नहीं, नीलम खातून हैं। चुनाव के वक्त लोग उन्हें डांसर कहते थे। अनंत सिंह ने उन्हें रखा था, शादी नहीं की थी।”

इस बयान से अनंत सिंह के समर्थक भड़क गए और माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। हालांकि अनंत सिंह ने इन आरोपों से खुद को अलग बताते हुए कहा, “ये सब सुरजभान ने किया है।” वहीं सुरजभान और उनकी पत्नी वीणा देवी ने इसे साजिश करार दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नया खुलासा
डॉ. अजय कुमार द्वारा की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि एक गोली उनके पैर में लगी थी, लेकिन वह घातक नहीं थी। उनके शरीर पर कई चोटों के निशान मिले, जिससे संकेत मिलता है कि उनकी मौत किसी अन्य कारण से हुई। “गोली का घाव गहरा नहीं था। शरीर पर अन्य चोटों से मृत्यु का कारण प्रतीत होता है,” डॉक्टर ने कहा।
तीन FIR दर्ज, दो गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। पहली शिकायत दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने भदौर थाना में दी। दूसरी एफआईआर अनंत सिंह के समर्थक जितेन्द्र कुमार द्वारा दर्ज कराई गई। तीसरी रिपोर्ट पुलिस की ओर से स्वतः दर्ज की गई। अब तक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं वीणा देवी ने पंडारक थाने में फायरिंग और पथराव की शिकायत दर्ज कराई है।
चुनाव आयोग ने भी बिहार डीजीपी से घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
परिवार ने जताई नाराज़गी, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
दुलारचंद यादव के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले से धमकियां मिल रही थीं। उनके पोते रविरंजन कुमार ने कहा, “पहले मेरे पिता को मारा गया, अब दादा को। अगला नंबर मेरा है।” परिजनों और गांववालों ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

लंबा और विवादित राजनीतिक सफर
दुलारचंद यादव 1980 के दशक से मोकामा के ‘टाल क्षेत्र’ में एक प्रभावशाली लेकिन विवादित नाम रहे। उन पर हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे। 1990 में जेल से ज़मानत पर छूटने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और लोक दल के टिकट पर चुनाव लड़ा, हालांकि हार गए।
इसके बाद उन्होंने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव दोनों के साथ निकट संबंध बनाए रखे और समय-समय पर राजनीतिक निष्ठाएं बदलीं।
घटनाक्रम
हत्या: 30 अक्टूबर की दोपहर को हुई।
परिवार का दावा: पहले गोली मारी गई, फिर वाहन से कुचल दिया गया।
पोस्टमार्टम: मौत गोली से नहीं, अन्य चोटों से हुई।
तीन FIR, दो गिरफ्तार।
अंतिम संस्कार में भारी हिंसा और पथराव।
क्षेत्र में तनाव बरकरार, पुलिस तैनात।